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जब हौसले की उड़ान आसमान छू रही हो तब शारीरिक बाधाएं इंसान को अपनी मंजिल से नहीं डिगा पाती। यह बात बिहार के सारण जिले के बनियापुर की अंकिता पर 100 फीसदी खड़ी साबित होती है। अंकिता दिव्यांग है। न उसके मुंह से आवाज निकलती है और न हाथ काम करते हैं, लेकिन पढ़ने की ऐसी ललक कि देखने वाले तारीफ किए बिना नहीं रहते।
पैर से लिखकर दे रही परीक्षा…
 – अंकिता इन दिनों मैट्रिक की परीक्षा दे रही है। गांधी हाई स्कूल के परीक्षा केंद्र पर वह अपनी दादी के साथ आती है। प्रश्न पत्र मिलते ही वह पैर से उत्तर लिखने में मग्न हो जाती है।
– पढ़ाई के प्रति उसका समर्पण देख टीचर भी हैरान हैं। उनका कहना है कि अंकिता पैर से जितनी सुंदर लिखती है, उतनी सुंदर राइटिंग तो बहुत से छात्र हाथ से भी नहीं कर पाते।
– टीचर रूपा कुमारी ने बताया कि अंकिता जमीन पर बैठकर पैर से आसानी से लिख लेती है। उसे सहयोग मिला तो एक दिन जरूर कुछ अच्छा कर नाम कमाएगी।
5 साल की उम्र में हुई थी पोलियो की शिकार
– अंकिता 5 साल की उम्र में पोलियो की शिकार हो गई थी। इसके बाद से उसके दोनों हाथों ने काम करना बंद कर दिया, फिर आवाज भी चली गई।
– माता-पिता ने कई जगह इलाज कराया, लेकिन वह ठीक नहीं हुई। परिवार का एक सदस्य हमेशा उसके साथ होता है ताकि उसे कोई दिक्कत न हो।
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By न्यूज़ डेस्क

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