पहले 200 मीटर, अब 30 मीटर हिस्सा गंगा में समाया; जल संसाधन विभाग ने युद्धस्तर पर शुरू कराया बचाव कार्य
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भागलपुर | गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच भागलपुर में कटाव का खतरा एक बार फिर गहरा गया है। राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर दूसरी बार नया कटाव सामने आने से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। यह संवेदनशील क्षेत्र ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास तथा पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र के विधानसभा क्षेत्र के निकट स्थित है।
जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई की रात तटबंध के करीब 150 से 200 मीटर हिस्से में कटाव हुआ था। अब उसी स्थान से लगभग 500 मीटर डाउनस्ट्रीम की ओर करीब 30 मीटर का नया हिस्सा भी गंगा की चपेट में आ गया है। गंगा का तेज बहाव लगातार तटबंध पर दबाव बना रहा है, जिससे कटाव का दायरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि वर्ष 2023-24 में तटबंध की सुरक्षा के लिए लगाए गए जियो बैग भी गंगा की तेज धारा में बह गए। विभाग के अनुसार, कटाव की तीव्रता अधिक होने के कारण सुरक्षात्मक जियो बैग पानी के दबाव को नहीं झेल सके।
कटाव की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में आ गया। मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान के नेतृत्व में युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य शुरू कर दिया गया है। मौके पर बड़ी संख्या में मजदूर, पोकलेन मशीनें और अन्य आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं। तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए लगातार बोल्डर, जियो बैग और अन्य सुरक्षात्मक सामग्री डाली जा रही है, ताकि गंगा के बढ़ते दबाव को रोका जा सके।
विभागीय अधिकारियों, अभियंताओं और प्रशासनिक टीमों की मौके पर 24 घंटे तैनाती की गई है। लगातार निगरानी के साथ मरम्मत कार्य जारी है। विभाग ने बताया कि पहले जिस 150 से 200 मीटर हिस्से में कटाव हुआ था, उसकी मरम्मत कर दी गई है और नए कटाव वाले हिस्से को भी सुरक्षित करने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है।
