भागलपुर । पिछले 50 दिनों से गंगा में आई बाढ़ ने समानांतर पुल के निर्माण कार्य में आ रही तेजी पर ब्रेक लगा दिया है। अगस्त से गंगा में आई बाढ़ में उतार-चढ़ाव अब तक बरकरार है। तीन बार नदी का जलस्तर बढ़ता रहा है। इससे पुल के निर्माण काम में बाधा आने लगी। नदी में पानी बढ़ता देख रिवर जोन के पिलरों का काम रोक दिया गया। इसके बाद ऊंचे मैदान जगहों पर पिलरों पर काम शुरू किया गया। लेकिन बारिश और कीचड़ के चलते यह काम भी बंद कर दिया गया अथवा धीमी गति से चलाया गया है।
ये हालात 15 अक्टूबर तक रहने की संभावना है। इसलिए निर्माण कार्य एजेंसी एसपी सिंगला ने निर्णय लिया है कि गंगा से पानी उतरते ही बंद पड़ा समानांतर पुल का निर्माण कार्य शुरू होगा। मोर्थ के निर्देश पर निर्माण एजेंसी ने साइट इंजीनियरों को संसाधन दुरुस्त रखने को कहा है। बता दें कि मोर्थ ने निर्माण एजेंसी को वर्ष 2027 में फोरलेन पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया है। साइट इंजीनियरों ने बताया कि बारिश से दिक्कत होने पर काम रोका जाता है।
बारिश थमने के बाद फिर से काम शुरू किया जाता है। अभी दोनों साइड से कुआं का काम किया जा रहा है। इस पर गार्डर रखने की तैयारी भी अतिरिक्त स्थल पर चल रही है। पिलरों के बीच सुपर स्ट्रक्चर के लिए सेगमेंट का काम पिलर का काम खत्म करने के बाद चलाया जाएगा। इसका नक्शा अप्रूवल के लिए आईआईटी को भेजा गया है। मोर्थ के सहायक अभियंता एसके मौर्य ने बताया कि बाढ़ के चलते नदी हिस्से के पिलर का काम रुका हुआ है लेकिन शेष जगहों पर पिलर निर्माण का काम जारी है। बरसात के चलते कभी-कभी काम रुक जाता है। एजेंसी को समय सीमा के अंदर काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


