रंगरा। रंगरा प्रखंड के अधिकतर पंचायतों में किसानों से सिंचाई के नाम पर मोटर चालक प्रति बीघा 700 रुपये वसूल रहे हैं, जबकि राज्य में नीतीश सरकार द्वारा कृषि के लिए बिजली मुफ्त दी जा रही है। इस मनमानी वसूली से किसानों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीण किसान रवि, अनिल मंडल, टुनटुन मंडल सहित कई किसानों ने बताया कि मोटर चालक अपनी मनमर्जी से पैसे लेते हैं, जिससे खेती करना दिन-ब-दिन महंगा और मुश्किल होता जा रहा है। किसानों के अनुसार—
गेहूं फसल में 4 बार पानी देना पड़ता है,
जबकि मक्का फसल में 7 बार सिंचाई करनी होती है।
इतनी बार सिंचाई के कारण किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है और कई किसान कर्ज में डूबने लगे हैं।

किसानों ने की दर तय करने की मांग
किसानों ने वरीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि सिंचाई के लिए वास्तविक मूल्य निर्धारित किया जाए, ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो और किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली मुफ्त होने के बावजूद मोटर चालकों द्वारा वसूली जाना गलत है और प्रशासन को इस दिशा में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

