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मोदी ने यह साबित कर दिया है कि वाकई गरीबों की सरकार है ,मोदी ने गरीबों को तोहफा देते हुए उनको पूरी तरह से मुफ्त इलाज देकर स्वस्थ भारत की कल्पना को साकार किया है ।
मोदी सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दे दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दी गई। इसमें सबको स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने और इसके लिए मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रावधान करने को सरकार की जिम्मेदारी बताया गया है। हालांकि, इसे सूचना या भोजन के अधिकार की तरह लोगों का अधिकार घोषित नहीं किया जाएगा। इस नीति की घोषणा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा गुरुवार को संसद में करेंगे।

निजी क्षेत्रों की की जायेगी भागेदारी
सरकारी योजनाओं के तहत विशेषज्ञ और शीर्ष स्तरीय इलाज में अब निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा। जहां सरकार अपना ध्यान प्राथमिक चिकित्सा को मजबूत बनाने पर लगाएगी, वहीं विशेषज्ञ इलाज के लिए लोगों को सरकारी या निजी अस्पताल में जाने की छूट होगी।

जीडीपी पर भी पड़ेगा फर्क
स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निजी अस्पतालों को ऐसे इलाज के लिए तय रकम दी जाएगी। इसी तरह स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च को जल्दी ही बढ़ा कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2.5 फीसद तक पहुंचाया जाएगा। इस समय यह 1.04 फीसदी के करीब है।

दो साल से इस पर हो रहा था काम
यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 15 साल बाद आई है। दो साल पहले ही इसका मसौदा तैयार कर लिया गया था। लेकिन इसके बाद से यह लटकी हुई थी। पिछले कुछ दिनों के दौरान भी इसे दो बार कैबिनेट में पेश किया गया। लेकिन इसको मंजूरी नहीं मिल सकी। स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को लेकर सरकार पर कई तरह के दबाव हैं। एक तरफ नीति आयोग यह सिफारिश कर चुका है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को बंद कर दिया जाए। लेकिन राजनीतिक रूप से यह फैसला बहुत मुश्किल होगा। ऐसे में अब नई नीति के मुताबिक सरकार नए अस्पताल बनाने पर ज्यादा जोर देने के बजाय इस मामले में निजी अस्पतालों की मदद लेगी।

 

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By न्यूज़ डेस्क

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