भागलपुर: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को भागलपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने विक्रमशिला पुल का निरीक्षण कर चल रहे मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि पुल को जल्द ही दोबारा चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में पुल को अस्थायी रूप से खोला जाएगा ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक पुल पर सामान्य रूप से वाहनों का परिचालन शुरू नहीं हो जाता, तब तक निजी वाहनों के चालकों और आम लोगों को नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक ले जाने की व्यवस्था राज्य सरकार की ओर से पूरी तरह निःशुल्क की जाएगी। इसके लिए किसी भी व्यक्ति से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
दो एजेंसियों ने की जांच, तीन स्लैब बदले जाएंगे
सम्राट चौधरी ने बताया कि पुल के सुपरस्ट्रक्चर की तकनीकी जांच दो विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा एक तीसरी एजेंसी भी पूरे ढांचे की विस्तृत जांच करेगी। तीसरी एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मरम्मत कार्य के तहत पुल के तीन प्रमुख स्लैब को बदला जा रहा है, जिससे पुल को शीघ्र उपयोग योग्य बनाया जा सके।

30 नवंबर तक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि जहां वर्तमान में बेली ब्रिज लगाया गया है, वहां पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी अन्य हिस्से को बदलने की आवश्यकता तो नहीं है। इंजीनियरों की संतुष्टि के बाद निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए 30 नवंबर 2026 की समय-सीमा निर्धारित की है। लक्ष्य है कि इस तिथि तक पुल पर सभी प्रकार के छोटे और बड़े वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो जाए।
विक्रमशिला पुल हादसे से अब तक की प्रमुख घटनाएं
- 3 मई 2026 को पुल का लगभग 34 मीटर लंबा स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया, जिसके बाद पुल पर यातायात बंद कर दिया गया।
- 4 मई को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने निरीक्षण कर तीन माह में मरम्मत कार्य पूरा करने का दावा किया।
- इसी दिन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत कर सेना की सहायता मांगी।
- 5 मई को बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन की विशेषज्ञ टीम भागलपुर पहुंची और तकनीकी आकलन शुरू किया।
- 6 मई को बीआरओ टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने स्थल का निरीक्षण किया।
- 19 मई को सेना और इंजीनियरों की मदद से पहले आधुनिक बेली ब्रिज का सफलतापूर्वक लॉन्चिंग कार्य पूरा हुआ।
- 24 मई को दूसरे बेली ब्रिज के गार्डर की लॉन्चिंग भी सफलतापूर्वक कर दी गई।

