नवगछिया:विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इस बीच सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गंभीर रूप से बीमार नवजात को सुरक्षित भागलपुर पहुंचाकर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार, नवगछिया कचहरी निवासी परशुराम पासवान के चार दिन के नवजात पुत्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर ले जाना चाहते थे, लेकिन विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद होने के कारण उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई।
मामले की जानकारी मिलते ही नवगछिया घाट पर तैनात एसडीआरएफ की टीम सक्रिय हो गई। जवानों ने विशेष मोटरबोट की सहायता से नवजात और उसके परिजनों को सुरक्षित गंगा पार कर भागलपुर मुख्यालय तक पहुंचाया। वहां पहुंचने के बाद बच्चे का इलाज शुरू कराया गया।
एसडीआरएफ की तत्परता और सेवा भावना की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि सेतु बंद होने के बाद उत्पन्न संकट की स्थिति में एसडीआरएफ लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रही है और कई मामलों में जीवन रक्षक की भूमिका निभा रही है।

सेतु बंद होने के बाद बढ़ी परेशानी
गौरतलब है कि 4 मई को विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों से पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। सेतु बंद होने से भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र की लाखों आबादी प्रभावित हुई है।
क्षतिग्रस्त हिस्से को जोड़ने के लिए वर्तमान में बेली ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने इसकी जिम्मेदारी बीआरओ को सौंपी है। करीब 49 मीटर लंबे अस्थायी बेली ब्रिज के तैयार होने के बाद प्रारंभिक चरण में छोटे वाहनों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए विशेष ट्रैफिक प्रबंधन योजना भी बनाई जा रही है, ताकि नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

