गोपालपुर प्रखंड इन दिनों अधिकारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। कई महत्वपूर्ण विभागों में नियमित पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने के कारण कामकाज प्रभार के आधार पर संचालित हो रहा है, जिससे विकास योजनाओं की निगरानी और आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर असर पड़ रहा है।
प्रखंड में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ), सहकारिता पदाधिकारी, विपणन पदाधिकारी, सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी तथा लोहिया स्वच्छता अभियान के प्रखंड समन्वयक समेत कई अहम पद रिक्त हैं। इन विभागों का संचालन फिलहाल अतिरिक्त प्रभार के सहारे किया जा रहा है।
अधिकारियों की कमी के कारण क्षेत्रीय निरीक्षण और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग प्रभावित हो रही है। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मनरेगा योजनाओं, जन वितरण प्रणाली और स्वच्छता कार्यक्रमों की समीक्षा भी अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पा रही है। शिकायतों के निपटारे में भी देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की है। उनका कहना है कि पर्याप्त अधिकारियों की तैनाती से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और लोगों को सरकारी सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता Anil Yadav ने कहा कि वह इस मुद्दे को राज्य सरकार के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary से मिलकर गोपालपुर प्रखंड में रिक्त पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास करने का भरोसा दिया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी रिक्त पदों पर जल्द नियमित पदस्थापन आवश्यक है।

