भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से बनाने की योजना तैयार कर ली गई है। इसके लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने करीब 100 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया है। विभागीय स्वीकृति मिलते ही एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, सेतु के क्षतिग्रस्त स्पैन और स्लैब वाले हिस्सों को हटाकर नए ढंग से निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के खगड़िया डिवीजन को सौंपी गई है। तकनीकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव और प्राक्कलन विभाग को भेज दिया गया है।
विभागीय स्तर पर योजना की विस्तृत जांच की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञ निर्माण योजना और लागत का परीक्षण कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न हो। स्वीकृति मिलने के बाद अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर टेंडर जारी होने की संभावना है।

अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी चयन की प्रक्रिया मानसून के दौरान पूरी कर ली जाएगी। बाढ़ का पानी उतरने के बाद निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। निगम ने परियोजना को तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
निर्माण कार्य के दौरान अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में सेतु पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद किया जा सकता है। इस अवधि में पुल की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्य किए जाएंगे।
गौरतलब है कि 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों से पुल पर यातायात बंद कर दिया गया था। बाद में Border Roads Organisation (बीआरओ) ने करीब 20 दिनों में बेली ब्रिज का निर्माण कर 7 जून को जिला प्रशासन को सौंप दिया। वर्तमान में पुल पर हल्के वाहनों का परिचालन जारी है, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही अब भी प्रतिबंधित है।

