भागलपुर: शहर में आधुनिक अंतरराज्यीय बस स्टैंड के निर्माण की बहुप्रतीक्षित योजना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में फंसकर आगे नहीं बढ़ पा रही है। राज्य सरकार द्वारा परियोजना के लिए एक वर्ष से अधिक पहले करोड़ों रुपये की राशि उपलब्ध करा दिए जाने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे भागलपुर सहित सीमांचल क्षेत्र के लाखों यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी 2025 को अंतरराज्यीय बस स्टैंड निर्माण के लिए 11 करोड़ 66 लाख 36 हजार रुपये की राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई थी। हालांकि करीब 16 महीने बीत जाने के बाद भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण परियोजना कागजी स्तर से आगे नहीं बढ़ सकी है।
इस बीच शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। पहले शहर में जाम की समस्या कम करने के उद्देश्य से बसों का परिचालन रिक्शाडीह से कराया गया था, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम हुआ था। बाद में बसों का संचालन दोबारा कोयला डिपो से शुरू होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या फिर बढ़ गई।

कोयला डिपो से बसों के संचालन और सड़कों पर वाहनों के अव्यवस्थित खड़े होने के कारण जीरो माइल, कचहरी चौक और स्टेशन रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर दिनभर यातायात प्रभावित रहता है। इसका असर आम यात्रियों के अलावा कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। लगातार लगने वाले जाम से लोगों का समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे भागलपुर के लिए अंतरराज्यीय बस स्टैंड का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इसके बनने से बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल से आने-जाने वाली बसों का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा तथा शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव भी कम होगा।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और भू-अर्जन विभाग से भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि परियोजना के लिए राशि उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होना चिंता का विषय है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि इस गतिरोध को दूर कर अंतरराज्यीय बस स्टैंड निर्माण का कार्य कब शुरू कराया जाता है।

