गोपालपुर: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद कहलगांव से तिनटंगा तक मालवाहक जहाजों के जरिए भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने का असर अब तिनटंगा-नवगछिया सड़क पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और चपरघट गांव के पास बीच सड़क में धंसान होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, चपरघट गांव के समीप सड़क धंसने के कारण कई बाइक सवार गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है, जिससे लोगों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे हुए अतिक्रमण ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क के दोनों ओर बसे घनी आबादी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।

तिनटंगा करारी के पूर्व सरपंच शंभू यादव, जितेंद्र मंडल समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और भारी वाहनों के सुरक्षित परिचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मामले की जांच के लिए संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सड़क की स्थिति के अनुरूप आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
