खरीक (भागलपुर): रविवार देर रात खरीक प्रखंड के राघोपुर मुख्य बांध पर अचानक भीषण कटाव शुरू हो गया। कटाव इतना तेज था कि जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय का आधे से अधिक हिस्सा गंगा नदी में समा गया। इसके साथ ही बांध का बड़ा हिस्सा भी कटकर नदी में बह गया, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, जमींदारी बांध में करीब 200 मीटर तक कटाव हो चुका है। अब बांध का केवल लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा ही सुरक्षित बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कटाव पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो खरीक और बिहपुर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
घटना की जानकारी मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मौके पर पहुंचे। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया और कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू कराया। कटाव स्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री का आवास होने के कारण प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं सुरक्षा कार्य में जुटा हुआ है।

कटाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों ने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग द्वारा समय पर और गुणवत्तापूर्ण सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों ने विभाग और संबंधित संवेदक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो जाने से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने लगा। स्थिति को नियंत्रित करने और कार्य में बाधा दूर करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया। इसके बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम ने कटाव रोकने के कार्य में तेजी लाई।
प्रशासन ने बताया कि पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। कटाव प्रभावित इलाके में एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
