नवगछिया। बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी परिसर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के नौवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। संध्या काल में भव्य महारुद्राभिषेक एवं शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा ठाकुरबाड़ी परिसर भक्तिमय हो उठा।
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इस अवसर पर यज्ञ समिति के अध्यक्ष सह शिक्षाविद विश्वास झा ने सपरिवार मुख्य यजमान के रूप में महारुद्राभिषेक संपन्न कराया। वैदिक विधि-विधान के साथ भगवान शिव का दूध, दही, घी, मधु और गंगाजल से अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान विश्व कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई।
शिव महापुराण कथा में भक्तिभाव से डूबे श्रद्धालु
महारुद्राभिषेक के बाद ज्ञान मंच से पूज्य संत सिया वल्लभ शरण महाराज ने शिव महापुराण के नौवें दिन की संगीतमय कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने शिव पुराण के गूढ़ प्रसंगों और आध्यात्मिक रहस्यों को सरल भाषा में श्रद्धालुओं के समक्ष रखा।

पूज्य महाराज ने कहा कि महादेव अत्यंत भोले हैं। वे अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न हो जाते हैं। एक लोटा जल और बेलपत्र अर्पित करने मात्र से भी भगवान शिव भक्तों पर कृपा करते हैं और उनके कष्टों को दूर करते हैं।
कथा के दौरान भजनों और धार्मिक प्रसंगों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। पूरा परिसर हर-हर महादेव और भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहा।
झूलनोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वहीं, ठाकुरबाड़ी परिसर में झूलनोत्सव का आयोजन भी धूमधाम से किया गया। भगवान के लिए आकर्षक ढंग से सजाए गए झूले ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान के दर्शन और झूला झुलाने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
भक्ति गीतों और भजनों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान को झूला झुलाया और पुण्य लाभ अर्जित किया। शिव महापुराण कथा और झूलनोत्सव के दोहरे आयोजन से पूरे ठाकुरबाड़ी परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा।
आयोजन को सफल बनाने में जुटी यज्ञ समिति
धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में यज्ञ समिति के सदस्य लगातार सक्रिय हैं। कौशलेन्द्र ठाकुर, कृष्ण भगत, शांतनु कुमार, सत्यम कुमार, सुंदरम कुमार, अविनाश कुमार उर्फ जैकी बाबा, मुकेश कुमार और विशाल कुमार सहित समिति के अन्य सदस्य एवं स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा, कथा आयोजन और झूलनोत्सव की व्यवस्था को लेकर समिति के सदस्यों द्वारा लगातार सहयोग किया जा रहा है।
