नवगछिया। गंगा नदी के जलस्तर में गुरुवार सुबह कई जलमापी केंद्रों पर मामूली कमी दर्ज की गई है। हालांकि, नदी का पानी अब भी चेतावनी और खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। सुबह छह बजे प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कई स्थानों पर गंगा का पानी तटबंधों के पांव (टो) तक पहुंच गया है। राहत की बात यह है कि संबंधित सभी तटबंधों को फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में बताया गया है।

जेबी चोरहर में 31.30 मीटर रहा जलस्तर

जेबी चोरहर में गंगा का जलस्तर 31.30 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 30.77 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 31.77 मीटर निर्धारित है। इस तरह नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर है, लेकिन खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर नीचे है।

जेबी चोरहर में नगरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के कई स्थानों पर गंगा का पानी तटबंध के पांव तक पहुंच गया है। फिलहाल दोनों तटबंधों की स्थिति सुरक्षित और नियंत्रण में बताई गई है।

राघोपुर में 12 सेंटीमीटर की कमी

राघोपुर में गंगा का जलस्तर 33.16 मीटर दर्ज किया गया। यहां पिछले माप की तुलना में 12 सेंटीमीटर की कमी आई है। राघोपुर में चेतावनी स्तर 32.68 मीटर और खतरे का निशान 33.68 मीटर है।

यहां काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध सुरक्षित बताया गया है। हालांकि, गंगा का पानी तटबंध के पांव तक पहुंच गया है, जिससे निगरानी बढ़ा दी गई है।

मदरौनी में खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे पानी

मदरौनी में गंगा का जलस्तर 31.18 मीटर दर्ज किया गया। यहां पांच सेंटीमीटर की कमी हुई है। खतरे का निशान 31.48 मीटर है। यानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है।

मदरौनी में भी नदी का पानी तटबंध के पांव को छू रहा है। हालांकि, तटबंध को फिलहाल सुरक्षित बताया गया है।

इस्माइलपुर-बिंदटोली में खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर

इस्माइलपुर-बिंदटोली के एसपी-07 पर गंगा का जलस्तर 32.18 मीटर दर्ज किया गया। यहां चार सेंटीमीटर की कमी हुई है। हालांकि, निर्धारित खतरे का निशान 31.60 मीटर है। इस लिहाज से यहां नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।

नदी का पानी तटबंध के पांव तक पहुंचा हुआ है। इसके बावजूद तटबंध को सुरक्षित और नियंत्रण में बताया गया है।

मामूली गिरावट से राहत, लेकिन खतरा बरकरार

गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से प्रशासन को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन कई स्थानों पर पानी के तटबंधों के पांव तक पहुंचने के कारण स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।

प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों की लगातार निगरानी कर रही हैं। जलस्तर में दोबारा वृद्धि होने की स्थिति में किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए संवेदनशील स्थलों पर नजर रखी जा रही है।

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By न्यूज़ डेस्क

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