नारायणपुर। नारायणपुर प्रखंड के भवानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगरपारा गांव में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में घायल महिला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH), भागलपुर रेफर कर दिया।
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पीड़िता की पहचान नगरपारा गांव निवासी राणा सिंह की पत्नी अंजली सिंह के रूप में हुई है। पीड़िता के पति राणा सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के ही रुद्र प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोग विवादित जमीन पर घेराबंदी का काम कर रहे थे और इस दौरान गाली-गलौज कर रहे थे।
राणा सिंह के अनुसार, वह गांव के चौक पर चाय-नाश्ते की दुकान चलाते हैं। घटना के समय वह दुकान पर थे। इसी दौरान उनकी पत्नी ने मोबाइल से गाली-गलौज का वीडियो बनाना शुरू किया और आरोपियों को गाली-गलौज करने से मना किया। आरोप है कि इसके बाद चारों पिता-पुत्र घर में घुस गए और उनकी पत्नी के साथ मारपीट करने लगे।

पति के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने पर वह तत्काल दुकान से घर पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी पत्नी को बेहोशी की हालत में देखा। इसके बाद वह आनन-फानन में उसे लेकर भवानीपुर थाना पहुंचे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पहले घायल महिला का इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद राणा सिंह अपनी पत्नी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नारायणपुर लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे JLNMCH भागलपुर रेफर कर दिया।
जमीन विवाद को लेकर चल रहे हैं दो मामले
राणा सिंह ने बताया कि मारपीट की घटना के पीछे जमीन विवाद मुख्य कारण है। उनके अनुसार नगरपारा मौजा स्थित खाता संख्या 1894 के खेसरा संख्या 3099 की 8 डिसमिल और खेसरा संख्या 3100 की 10 डिसमिल जमीन उनके दादा योगेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह के नाम खतियान एवं जमाबंदी में दर्ज है।
उनका आरोप है कि महेंद्र सिंह के पुत्र ने बिना बंटवारा किए उक्त जमीन को रुद्र प्रताप सिंह के हाथों बेच दिया। इसी जमीन की बिक्री को लेकर विमल सिंह ने बिहार भूमि न्यायाधिकरण (BLT), पटना में केस संख्या 520/2026 दायर किया है, जो फिलहाल लंबित है।
इसके अलावा भरत प्रसाद सिंह की ओर से भी सब-जज प्रथम, नवगछिया के न्यायालय में टाइटल सूट 261/2026 (दीवानी वाद) दायर किया गया है। यह मामला भी न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
मारपीट के बाद धमकी देने का भी आरोप
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि वे उन्हें जान से मार देंगे और थाना या कोर्ट-कचहरी जाने पर भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। राणा सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस और न्यायालय तक में अपनी पहुंच होने की बात कहते हुए उन्हें धमकाया।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
