नवगछिया। नारायणपुर प्रखंड में गंगा नदी के बढ़ते दबाव के बीच जीएन तटबंध के नवटोलिया स्थित पुराने स्लुईस गेट से लगातार पानी का रिसाव होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पिछले करीब पांच दिनों से स्लुईस गेट से पानी रिस रहा है। सोमवार देर रात इसकी सूचना मिलने पर बाढ़ प्रमंडल खगड़िया और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
Total Downloads: 226
शुरुआत में रिसाव कम होने के कारण ग्रामीणों ने इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया, लेकिन लगातार पानी निकलने से लोगों में तटबंध की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर और पानी के दबाव के कारण पुराने स्लुईस गेट पर दबाव बढ़ गया है।
अधिकारियों ने लिया जायजा
सूचना मिलते ही सोमवार रात बाढ़ प्रमंडल खगड़िया के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार सहनी, एसडीओ मनोज कुमार सिंह, कनीय अभियंता परमानंद ठाकुर और नारायणपुर के सीओ आशीष कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्लुईस गेट और उसके आसपास की स्थिति का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने रिसाव को नियंत्रित करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद मौके पर बोरियां डालकर पानी के रिसाव को रोकने का प्रयास शुरू किया गया।
बोरी डालकर रिसाव रोकने का प्रयास
बाढ़ प्रमंडल की टीम ने स्लुईस गेट के आसपास बोरी डालकर रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू कराई। अधिकारियों के अनुसार, पहले की तुलना में अब पानी का रिसाव कम हुआ है। हालांकि, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ग्रामीण रूस्तम अली ने बताया कि स्लुईस गेट में दोनों तरफ रबर लगा हुआ है, लेकिन इसके ऊपरी हिस्से में खाली जगह है। आशंका है कि पानी इसी हिस्से से बाहर निकल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गंगा के पानी का लगातार दबाव बने रहने के कारण पुराने गेट में रिसाव की समस्या उत्पन्न हुई है।
सड़क पर भी जमा हुआ पानी
स्लुईस गेट से निकल रहे पानी के कारण आसपास के इलाके में पानी फैलने लगा है। कुछ सड़कों पर भी पानी जमा होने की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नारायणपुर के सीओ आशीष कुमार ने बताया कि स्लुईस गेट से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीम मौके की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
रात में मौके पर जुटे ग्रामीण
स्लुईस गेट से पानी रिसने की खबर फैलते ही नवटोलिया और आसपास के गांवों के ग्रामीण रात में ही मौके पर पहुंचने लगे। बड़ी संख्या में लोग वहां जुटे रहे और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते रहे।
ग्रामीण लगातार तटबंध और स्लुईस गेट की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को आशंका है कि यदि पानी का दबाव और बढ़ा तथा रिसाव तेज हुआ तो आसपास के इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन पुराने स्लुईस गेट से लगातार हो रहा रिसाव ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्लुईस गेट की तकनीकी जांच कराने और रिसाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि गंगा के बढ़ते जलस्तर के दौरान भविष्य में किसी बड़े खतरे की स्थिति उत्पन्न न हो।
मौके पर मुखिया प्रतिनिधि प्रीतम मिश्रा, कुद्दुस अली, गौरव यादव, अयूब अली समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
