भागलपुर। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक समय पर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बोट एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। इसका संचालन 15 सितंबर 2026 से प्रारंभ हो गया है। सड़क संपर्क टूटने वाले इलाकों में यह सेवा मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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बोट एम्बुलेंस के जरिए गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित तरीके से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल तक पहुंचाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर भी किया जाएगा।
दियारा और बाढ़ प्रभावित गांवों को मिलेगा फायदा

बाढ़ के कारण कई गांवों और दियारा क्षेत्रों में सड़क मार्ग से आवागमन प्रभावित है। ऐसे इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार पहुंचकर लोगों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बोट एम्बुलेंस शुरू होने से उन मरीजों को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें सड़क मार्ग बंद होने के कारण अस्पताल पहुंचने में परेशानी हो रही है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाने, गंभीर मरीजों को समय पर रेफर करने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गंभीर स्थिति में तुरंत स्वास्थ्यकर्मियों से करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति को गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने या गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर तत्काल स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समय पर सूचना मिलने पर बोट एम्बुलेंस के माध्यम से मरीज को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
बाढ़ की चुनौती के बीच स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाए रखना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
