इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध के स्पर-6 पर 70 मीटर लंबी दरार, कटाव की आशंका
नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल के इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध के स्पर संख्या छह के डाउन स्ट्रीम हिस्से में करीब 65 से 70 मीटर लंबी दरार आने से कटाव की आशंका बढ़ गई है। दरार की सूचना मिलते ही बाढ़ विभाग के अधिकारियों में हलचल मच गई। नवगछिया बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार, मुख्य अभियंता जेपी पासवान, सहायक अभियंता मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
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अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ स्थल निरीक्षण कर दरार के कारणों का पता लगाया। साथ ही नदी की गहराई, बहाव और तटबंध के संवेदनशील हिस्सों की स्थिति की जांच की। तटबंध को संभावित नुकसान से बचाने के लिए तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है।
जियो बैग और एनसी गैबियन से हो रही मरम्मत
मुख्य अभियंता जेपी पासवान ने बताया कि तटबंध के कुछ हिस्सों में दरार आई है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। तीन-चार संवेदकों को लगाकर स्पर के नोज, सिंक और डाउन स्ट्रीम हिस्से में काम कराया जा रहा है। मरम्मत के लिए जियो बैग और एनसी गैबियन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि तटबंध की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यदि तटबंध को गंभीर नुकसान पहुंचता है तो गोपालपुर प्रखंड के इलाकों में गंगा का पानी प्रवेश करने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
सूचना मिलते ही शुरू कराया गया काम
कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने बताया कि सुबह दरार की सूचना मिलते ही अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। नदी की गहराई मापने के साथ स्पर के नोज और सिंक की स्थिति की जांच की गई। इसके बाद बिना देर किए मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया। जरूरत के अनुसार बचाव कार्य जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि सोमवार को गंगा का जलस्तर 29.95 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के स्तर से नीचे है। फिलहाल नदी का दबाव भी कम है, लेकिन दो स्परों के बीच सिल्ट जमा होने के कारण कुछ स्थानों पर दबाव बना हुआ है।
तटबंध की निगरानी बढ़ाई गई
तटबंध पर दरार आने के बाद संवेदनशील हिस्सों की निगरानी और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को देखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों की नजर भी बचाव कार्य पर बनी हुई है, क्योंकि तटबंध को नुकसान पहुंचने की स्थिति में आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
