प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची पर उठे सवाल, 27 लाभुकों की पात्रता जांच की मांग
नवगछिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभुक सूची में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। योजना के तहत चयनित लाभुकों की पात्रता पर सवाल उठाते हुए आवेदिका एवं उपमुखिया प्रेमलता कुमारी ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन सौंपकर 27 लाभुकों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ अपात्र लोगों ने गलत दस्तावेजों के आधार पर योजना का लाभ लेने के लिए सूची में अपना नाम शामिल करवा लिया है।
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आवेदन के अनुसार, कुछ लोगों ने दूसरे परिवारों की झोपड़ियों को अपना आवास बताकर योजना में नाम जुड़वाया। आरोप है कि जांच के दौरान संबंधित कर्मियों को गुमराह कर जियो टैगिंग और स्थल निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके लिए कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया।
उपमुखिया ने निष्पक्ष जांच और स्थल सत्यापन की मांग की

उपमुखिया प्रेमलता कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब, बेघर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। यदि अपात्र लोगों का चयन गलत दस्तावेजों के आधार पर होता है तो इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
आवेदन में मांग की गई है कि संबंधित 27 लाभुकों के आवास प्लस रिकॉर्ड, दस्तावेजों और वास्तविक आवास की स्थल पर जाकर जांच कराई जाए। जांच में जिन लाभुकों के अपात्र होने या गलत दस्तावेजों के आधार पर नाम शामिल कराने की पुष्टि हो, उनके नाम सूची से हटाए जाएं। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
आवेदन के साथ कथित रूप से अपात्र 27 लाभुकों के नाम, उनके पिता अथवा पति के नाम और आवास प्लस आईडी की सूची भी संलग्न की गई है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब संबंधित विभाग की जांच और अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
