कभी भागलपुर लोकसभा चुनाव में जब्त हुई थी जमानत, अब MLC की हैट्रिक; 10,026 वोटों से जीते डॉ. एनके यादव
नवगछिया/भागलपुर। राजनीति में समय के साथ परिस्थितियां किस तरह बदलती हैं, इसका उदाहरण भाजपा के डॉ. नरेंद्र कुमार यादव उर्फ एनके यादव का राजनीतिक सफर है। वर्ष 2009 में भागलपुर लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उनकी जमानत जब्त हो गई थी। वहीं, 2026 में उन्होंने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर विधान परिषद में अपनी जगह बरकरार रखी है। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 10,026 मतों की बढ़त के साथ जीत हासिल की।
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जीत की घोषणा के बाद डॉ. एनके यादव के आवास पर समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर, मिठाई खिलाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों के साथ जीत का जश्न मनाया और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया।
पहली वरीयता में मिले 24,075 वोट
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के सभी 11 राउंड पूरे होने के बाद पहली वरीयता के मतों में भाजपा प्रत्याशी डॉ. एनके यादव को 24,075 वोट मिले। राजद प्रत्याशी नितेश यादव को 18,535 और जन सुराज के प्रत्याशी रजनीश रंजन को 15,306 मत प्राप्त हुए।

पहली वरीयता के मतों में किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए निर्धारित मत नहीं मिलने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गिनती कराई गई। निर्वाचन क्षेत्र में कुल 74,401 वोट पड़े थे। इनमें लगभग 10 हजार मत अवैध पाए गए, जबकि 64,401 मत वैध थे। जीत के लिए निर्धारित मतों का आंकड़ा 32,201 था।
पहली वरीयता के मतों के बाद डॉ. एनके यादव को जीत सुनिश्चित करने के लिए दूसरी वरीयता के 8,126 अतिरिक्त मतों की जरूरत थी। दूसरी वरीयता की गिनती पूरी होने के बाद उन्होंने आवश्यक मत हासिल कर जीत दर्ज की। अंतिम परिणाम में उनकी जीत का अंतर 10,026 वोट रहा।
2014, 2020 के बाद 2026 में भी जीत
डॉ. एनके यादव ने वर्ष 2014 में पहली बार कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2020 में दूसरी बार विधान परिषद पहुंचे। अब 2026 में तीसरी बार जीत हासिल कर उन्होंने लगातार तीन चुनावों में जीत का सिलसिला कायम रखा है।
हालांकि, उनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2009 में भागलपुर लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने पर उन्हें 8,828 वोट मिले थे और उनकी जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद 2010 में उन्होंने भागलपुर विधानसभा सीट से लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्हें 19,479 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे।
बाद में भाजपा से जुड़कर उन्होंने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान बनाई और लगातार तीन बार विधान परिषद चुनाव जीतने में सफल रहे।
युवाओं और उच्च शिक्षा के मुद्दे उठाने की बात
जीत के बाद डॉ. एनके यादव ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन जैसे सामान्य कार्यकर्ता पर लगातार तीसरी बार भरोसा जताया है। इसके लिए उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि स्नातक युवाओं को नौकरी दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके साथ ही उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इन मुद्दों पर सरकार पर दबाव भी बनाया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि पहले प्रखंड स्तर पर स्नातक की पढ़ाई की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन अब स्थिति में बदलाव हो रहा है। उन्होंने युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और उनके हितों से जुड़े सवालों को आगे बढ़ाने की बात कही।
रोहित पांडेय ने सहजता और सरलता को बताया अहम
भागलपुर सदर विधायक रोहित पांडेय ने डॉ. एनके यादव को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. यादव की सहजता, सरलता और युवाओं से जुड़ाव उनकी राजनीतिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक के अनुसार, डॉ. यादव युवाओं के बीच आसानी से अपनी बात रखते हैं और उनसे उनका अच्छा संपर्क है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और युवाओं के बीच उनकी पहुंच भी जीत में महत्वपूर्ण रही।
परिवार के साथ मनाया जीत का जश्न
जीत के बाद डॉ. एनके यादव ने अपनी पत्नी एवं पूर्व मेयर डॉ. वीना यादव, बेटी डॉ. श्रेया यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खुशी मनाई। इस दौरान भागलपुर सदर विधायक रोहित पांडेय सहित बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
समर्थकों ने उन्हें माला पहनाकर बधाई दी और मिठाई खिलाकर खुशी साझा की। लगातार तीसरी बार जीत मिलने के बाद उनके आवास पर उत्सव का माहौल रहा।
