राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज झारखंड के रांची में कहा कि समस्त भारत की सांस्कृतिक विरासत एक जैसी है और रवीन्द्र नाथ टैगोर समस्त विश्व में इसके अघोषित संवाहक राजदूत रहे हैं. राष्ट्रपति ने आज यहां जयपाल सिंह स्टेडियम परिसर में बनने जा रहे रवीन्द्र भवन एवं कडरु क्षेत्र में बनने जा रहे हज हाउस का ऑनलाइन शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही.
प्रणब मुखर्जी ने कहा कि बिहार, झारखंड, उड़ीसा अलग राज्य बनने के पहले 1935 तक बंगाल प्रेसिडेंसी के अंग थे और यह पूरा क्षेत्र एक ही सांस्कृतिक विरासत का क्षेत्र है. उन्होंने कहा कि यहां रवीन्द्र भवन के निर्माण का शुभारंभ कर मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं उनकी सरकार ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है. राष्ट्रपति ने कहा कि 1961 में रवीन्द्र नाथ टैगोर के जन्म शताब्दी समारोहों के दौरान पूरे देश के सभी राज्यों में रवीन्द्र भवनों का निर्माण किया गया था लेकिन झारखंड राज्य बाद में बना, लिहाजा यहां भी उस भवन की कमी दूर करने का काम राज्य सरकार करने जा रही है जिसकी वह प्रशंसा करते हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में सांस्कृतिक चर्चा और गतिविधियों के लिए यह भवन निर्माण कर 2016 में बंग समुदाय के कार्यक्रम में किया गया अपना वायदा पूरा किया है. उन्होंने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर देश के अघोषित सांस्कृतिक राजदूत थे और उनके कारण अमेरिका, यूरोप, प्रशांत महासागर एवं अटलांटिक महासागर के आसपास के देशों में भी लोगों को भारतीय संस्कृति के बारे में जानकारी मिलती थी.
प्रणब मुखर्जी ने कहा कि 2011 में रवीन्द्रनाथ टैगोर के 150वें जयंती समारोहों के अवसर पर देशभर में अनेक कार्य करने की जिम्मेदारी देश के वित्त मंत्री के तौर पर उन्हें ही मिली थी और आज यह शिलान्यास कर उन्हें प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है. उन्होंने कहा कि इसी प्रकार हज हाउस की आधारशिला रखकर उन्हें संतोष का अनुभव हो रहा है क्योंकि किसी भी मुस्लिम का अपने पैगंबर के जन्मस्थान मक्का मदीना में जाकर नमाज अदा करने का सपना होता है और इसमें यह हज हाउस लोगों की मदद करेगा.
इससे पहले मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने संबोधन में झारखंड के लिए ‘विकास विकास और अधिक विकास’ के नारे की बात कही और कहा कि राज्य प्रधानमंत्री की टीम इंडिया के सदस्य के रुप में तेजी से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सबका साथ एवं सबका विकास के मूल मंत्र से काम कर रही है लेकिन वह किसी का भी तुष्टीकरण नहीं करेगी.
वहीं, राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि झारखंड की राजधानी रांची में दो महत्वपूर्व भवनों का आज शिलान्यास हो रहा है. यह झारखंड के लिये गर्व की बात है. सभी के सहयोग से दो बेहतर भवनों का निर्माण होगा. रविंद्र भवन के बन जाने से झारखंड की कला संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा.


