1000 और 500 के पुराने नोटों पर रोक लगाने के बाद अब केंद्र सरकार ने 2000 और 500 रुपए के नए नोटों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. जिसके बारे में जानकर कालाधन जमा करने वाले और नकली नोटों के गोरख धंधे को बढ़ावा देने वाले मफियायों के होश उड़ जाएंगे.
मीडिया में रिपोर्ट्स के मुताबिक नकली नोटों के कारोबार को फलने फूलने से रोकने के लिए 3 से 4 साल के भीतर 2000 और 500 रुपए नए नोटों के फीचर में बदलाव किया जाएगा. बताया जा रहा है कि नोटबंदी के बाद देश में कई नकली नोटों के मामले सामने आए हैं. जिसको लेकर गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की मौजूदगी में वित्त मंत्रालय और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीयों की एक उच्च स्तरीय बैठक की गई.
जिसमें अधिकारियों द्वारा अधिकांश विकसित देशों में हर 3-4 साल में नोटों के सुरक्षा के फीचर्स में बदलाव करने की बात सामने रखी गई. साथ ही भारत में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया. बैठक में यह भी बताया गया कि नोटबंदी एक बाद पिछले चार महीनों में जो भी नकली नोट जब्त हुए हैं उनके 11 सुरक्षा फीचर्स असली 2000 रुपए के नोट की नकल है.

2000 के नकली नोट में ट्रांसपैरेंट एरिया, अशोक स्तंभ, फॉन्ट, वॉटर मार्क और आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर, उसके साथ लिखा गारंटी क्लॉज, चंद्रयान, स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और प्रिंटिंग भी असली नोट के तरह ही छपे हुए हैं. मालूम हो कि 2000 के 17 में से 11 सुरक्षा फीचर्स नकल सामने आने से सनसनी फ़ैल गई थी. जिसके बाद ही सरकार ने यह फैसला लिया है.

