भागलपुर : कोई तो है जो भागलपुर के माहौल को खराब करना चाहता है क्योकि कि एक के बाद एक घटना हो रही है जो कि धरम से सम्बंधित है हुसैनाबाद इलाके में पिछले दिनों एक धार्मिक स्थल पर बना तनावपूर्ण माहौल अभी शांत ही हुआ था कि

मंगलवार सुबह पास के ही अम्बै पोखर इलाके में स्थिति बिगड़ने लगी। एक धार्मिक स्थल पर मेढ़ से मूर्ति गिरी थी। खंडित मूर्ति दिखते ही तरह-तरह की अफवाह फैलने लगी और चंद मिनटों में सैकड़ों लोग जुट गए। पुलिस और शांति दूतों की सक्रियता ने माहौल को बिगड़ने से बचा लिया।

पुलिस ने भीड़ को मौके से हटाया, जबकि शांति समिति के सदस्यों ने घंटेभर में खंडित मूर्ति की मरम्मत व रंगाई कर मेढ़ पर स्थापित कर दिया। इसी साल 26 जनवरी को अम्बै पोखर के इसी धार्मिक स्थल पर प्रशासन द्वारा मूर्ति हटाने पर बवाल हुआ था और 50 राउंड से अधिक गोलियां भी चली थीं। बहरहाल, अम्बै पोखर पर अगले आदेश तक के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
दरअसल, मंगलवार सुबह करीब 7:45 बजे कुछ महिलाएं पूजा करने गई थीं। मेढ़ से मूर्ति गिरी देखकर वे लौट गईं। इसके बाद किसी शरारती तत्वों द्वारा मूर्ति तोड़ने की अफवाह फैलने लगी और भारी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलते ही 10 मिनट के अंदर हबीबपुर के इंस्पेक्टर इंद्रजीत बैठा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और शांति समित के सदस्य भी सक्रिय हो गए।
घंटे भर बाद दंगा निरोधी बल, बीएमपी जवानों के अलावा डीएसपी विधि व्यवस्था राजेश सिंह प्रभाकर, दंडाधिकारी उत्पाद अधीक्षक विजय शेखर दुबे और शहरी क्षेत्र के थानेदारों की टोली भी पहुंच गई। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस ने धार्मिक स्थल के पास से भीड़ को हटाकर बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद मूर्ति को दुरुस्त कराने की भी तत्काल तैयारी शुरू कर दी गई।

लोगों को समझाया, मवेशी के ठोकर से गिरी मूर्ति
पुलिस की सक्रियता के बीच हुसैनाबाद के पार्षद पति विनय गुप्ता खंडित मूर्ति की मरम्मत के लिए मूर्तिकार को लेकर पहुंच गए। मूर्तिकार ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर रंगाई की। इस दौरान शांति समिति के सदस्य हबीबपुर पंचायत के उप मुखिया मो. गुड्डू, मो. भोला खान, दीपक चौधरी और मंदारेश्वर झा मौजूद रहे। लोगों को समझाया गया कि किसी मवेशी के ठोकर से मेढ़ से मूर्ति गिरी थी। इसमें किसी शरारती तत्व का हाथ नहीं है।

माहौल शांत होने पर महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
शांति दूतों के समझाने के बाद स्थानीय लोग भी किसी मवेशी द्वारा मूर्ति गिराने की बात कहने लगे। धीरे-धीरे माहौल शांत होने के बाद महिलाओं की टोली ने धार्मिक स्थल पर पूजा-अर्चना की। शांति समिति के सदस्यों ने कहा कि खुले में रखी मूर्ति को फिलहाल बांस के टाट से घेरकर सुरक्षित करना जरूरी है। फिलहाल, स्थिति सामान्य होने तक व अगले आदेश तक के लिए पुलिस की तैनाती कर दी गई है।

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By न्यूज़ डेस्क

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