पटना : अब बिहार में तारी का लाइसेंस उसे ही दिया जाएगा जो ताड़ के पेड़ पर चढ़ना जनता हैं. कल यह बात उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डा. एस. सिद्धार्थ ने अधिवेशन भवन में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान कहा. इस दौरान पुरे बिहार के अलग अलग जिले से आये पासी समुदाय के लोगों ने इस कार्यशाला में भाग लिया.
इस दौरान लाइसेंस लेने का पूरा प्रोसेस भी बताया गया. लाइसेंस के लिए इच्छुक व्यक्तियों को जिला उत्पाद अधीक्षक को आवेदन देना होगा और जिसके खेत में ताड़ का पेड़ है उनका भी सहमति लेना जरुरी होगा. इसके साथ ही उनको संकल्प पत्र भी भरना होगा कि वो किसी भी हाल में मद्य निषेध कानून 2016 का पालन करेंगे.
यदि कोई भी व्यक्ति तारी का लाइसेंस लेकर ताड़ी बनाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाई की जाएगी. इसके साथ ही यदि लाइसेंस लेने वालों की मृत्यु हो जाएगी तो उसके बदले उनके परिवार के अन्य सदस्य को लाइसेंस मिल सकता है, इसके लिये उन्हें ताड़ के पेड़ पर चढ़ना और तारी उतारने की कला आनी चाहिए.


