तकिये के नीचे से बरामद हुआ खोखा

हत्या का कारण स्पष्ट नहीं

नारायणपुर : भवानीपुर थाना क्षेत्र के नया टोला बीरबन्ना गांव में रविवार की देर रात बारह वर्षीय युवक मो. अकबर की गोली मार सोये अवस्था में कनपट्टी में गोली मारकर हत्या कर दी है. ग्रामीणों की सुचना पर पहुंचे भवानीपुर पुलिस थानाध्यक्ष सुदीन राम के नेतृत्व में सोमवार की अहले सुबह घटनास्थल पर पहुंच  छानबीन में जुटी लगभग दस बजे सुबह भवानीपुर पुलिस ने मृतक को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया भेजा. मौके पर नवगछिया एस पी पंकज सिन्हा व एसडीपीओ मुकुल रंजन ने मृतक के परिजन एवं  आसपास के लोगों  से पूछताछ किया. घटना का कारण का खुलासा नहीं हो पाया था. मृतक के पिता मो बबलू बैठा ने बताया कि शनिवार को देर रात गेहूँ तैयार कर आये थे. रविवार को सोये पूरे परिवार के साथ नीचे आंगन में रविवार की रात्रि लगभग बारह एक बजे के बीच जब हुचकी उठी तो पत्नी बेचनी खातुन की नींद टुटी तबतक में अकबर की मौत हो चुकी थी. पत्नी ने उठाया तो देखा कनपट्टी में गोली लगी थी. जिससे खून बह रहा था. आसपास के ग्रामीण ने कहा कि किसी तरह के परिवार वालों ने हल्ला गुल्ला नहीं किया गया था.

आंगन में बहन अंजली दो छोटा भाई शमशेर, अकमल व माँ पापा के साथ मच्छरदानी में नीचे जमीन पर सोये थे. मृतक के और  किसी तरह का कोई निशान नहीं मिला घटना स्थल से पुलिस ने गोली का एक खोखा बरामद किया जो कनपट्टी में आर पार हो तकिया में  घुसा था. मृतक के पिता मो बबलू बैठा पुलिस को कुछ भी बताने से इंकार किया. कहा किसी को नहीं देखे किसके उपर झूठा आरोप लगा कर केस दर्ज कराये. मेरे पूरे परिवार से किसी को कोई दुश्मनी नहीं थी. बड़ा लड़का अनवर दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं. वे लोग भी मेहनत मजदूरी कर जीवन गुजर बसर करते हैं. किसी से दुश्मनी की बात वे लोग सोच भी नहीं सकते. लेकिन उसके मासूम पुत्र की हत्या कैसे और क्यों कर दी गयी यह बात समझ में नहीं आ रही है. मामले की प्राथमिकी मृतक की मां बेचेनी देवी के बयान पर भवानीपुर ओपी थाने में दर्ज की गई है. प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस अनुसंधान में जुट गई है.

शक पहले सुई मृतक के घरवालों पर ही

सोए अवस्था में गोली मारकर की गई मोहम्मद अकबर की हत्या में पुलिस के शक की सुई उसके परिजनों पर ही हैं. इसका यह भी कारण है कि परिजनों ने अब तक घटना के संदर्भ में अस्पष्ट बयान नहीं दिया है. माता पिता सहित अन्य परिजनों का कहना है कि कब गोली चली कब उसके बच्चे की मौत हो गई उन लोगों को यह पता नहीं है. बात पूरी तरह से आश्चर्यजनक है 10 फीट के दायरे में ही सभी सो रहे थे. बालक की चीख या गोली की आवाज किसी ने नहीं सुनी या अपने आप में एक बड़ा आश्चर्य है. मृत बालक के चेहरे पर गोली के अलावे और भी चोट के छोटे-छोटे निशान हैं जिससे प्रतीत हो रहा है कि जिस वक्त बालक को गोली मारी गई होगी वह जगह होगा. उसने अवश्य ही प्रतिरोध किया होगा. आखिर 12 वर्ष के एक बच्चे को गोली मारने की नौबत क्यों आई, क्या घटना से पहले कोई ऐसी बात हुई  की अपराधियों ने बालक की हत्या का वारदात कर देने का कदम उठाया. आसपास के ग्रामीण भी दबी जुबान से ही कह रहे हैं कि बालक की हत्या का कारण उसके घर के चाहरदीवारी में ही दफन है. बहरहाल पुलिस मामले की छानबीन में मुस्तैदी से जुट गई है. खुद थानाध्यक्ष मामले की जांच कर रहे हैं. आए दिन मामले का उद्भेदन कर लिए जाने की संभावना है.

कहते हैं थानाध्यक्ष

भवानीपुर ओपी थाना के थानाध्यक्ष ने सुदीन राम ने कहा कि मामला संदेहास्पद है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा और हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा

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By Rishav Mishra Krishna

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