नवगछिया: नवगछिया प्रखंड के अंतर्गत खगड़ा गांव में स्थापित मां वांम काली जो कि बुधवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष में रात्रि 12 बजे में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ में स्थापित किया गया. मालूम हो कि वांम काली एतिहासिक एवं पौराणिक है बिहार के प्राय: जिलों से भक्तगण आते हैं और यहां पर अपना पूजा अर्चना कर मां से अपनी मांग मांगते है. मंदिर में हजारों की संख्या में पाठा (छाग) वलि और महिष भी पड़ता हैं. ये ग्राम माता के साथ साथ में क्षेत्र माता के रूप में भी पूजनीय है. मंदिर में तांत्रिक पूजन पद्धति के साथ में पूजा किया जाता है. खगड़ा गांव के मध्य में स्थापित मंदिर में मेला भी बहुत ही भव्य तरीके होता है. वहीं और शुक्रवार को शाम 3 बजे के आसपास में विसर्जन किया गया है. जो प्रतिपदा शुक्लपक्ष को सन्ध्या वेला में पूरे गांव में काली की प्रतिमा को घुमाया जाता है और गांव से होते हुए बोरवा गांव फीर नाया टोला बोरवा में गंगा घाट पर विसर्जित किया गया है. मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विरेंद्र सिंह, सचिव विनोद सिंह, धिरेंन्द्र सिंह, प्रशांत सिंह, रघुवंश प्रसाद सिंह, धीरज सिंह, सोनू सिंह, कमलाक्ष केशव, सिद्धार्थ सिंह, फूलचून कुमार व अन्य कई ग्रामीण लोग मौजूद थे.

वही  नवगछिया सहित आसपास के इलाकों में काली पूजा के अवसर पर माता की प्रतिमा स्थापित कर भक्तों ने माता की पूजा अर्चना की. शुक्रवार की सुबह से ही माता के मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. पूजा को लेकर मेला परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल के साथ साथ दंडाधिकारी भी मेले में घूमते दिखे. वहीं शुक्रवार को कई स्थानों पर माता की प्रतिमा का विसर्जन भी किया गया.

भक्तों के जयकारों के बीच माता काली का विसर्जन हुआ. नवगछिया बाजार के सत्संग भवन रोड स्थित माता की प्रतिमा, पुरानी एनएसी रोड स्थित मां वाम काली एवं वार्ड नवर 22 स्थित मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमा का विसर्जन देर रात किया गया. विसर्जन के दौरान नवगछिया थानाध्यक्ष पुनि संजय कुमार सुधांशु सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल विधि व्यवस्था को नियंत्रित करने में लगे हुए थे. वहीं परबत्ता के खगड़ा , साहू परबत्ता में स्थापित मात की प्रतिमा का विसर्जन देर रात तक शांति व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ.

 

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By Rishav Mishra Krishna

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