नवगछिया : नवगछिया पुलिस जिले के बिहपुर थाना क्षेत्र के जयरामपुर बहियार में जिला पुलिस द्वारा गठित स्पेशल टीम ने नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गयी कार्रवाई में अवैध हथियारों के साथ तीन अपराधियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिये गये हैं. गिरफ्तार अपराधियों में बिहपुर थाना क्षेत्र के भ्रमरपुर निवासी स्व विभाष कुमर के दो पुत्र घोलटू कुमर उर्फ मुरारी कुमर, बिहपुर के झंडापुर ओपी क्षेत्र के मड़वा निवासी स्व रमनी चौधरी के पुत्र निलेश चौधरी हैं. तीनों अपराधियों के पास से पुलिस ने एक दो नाली बंदूक, 27 चक्र जिंदा कारतूस, एक थ्री फिप्टिन रायफल एवं इसी रायफल का 37 चक्र जिंदा कारतूस, एक बजार प्लेटिना मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल एवं एक बिंडोलिया बरामद किया है.
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जानकारी मिली है कि जिस स्थल पर पुलिस ने छापेमारी की है वहां पर बहुत ज्यादा संख्या में अपराधी जुटे हुए थे. एका एक पुलिस की छापेमारी हो जाने से कई अपराधी मौके से भाग गये. लेकिन पुलिस ने खदेड़ कर तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने कहा कि पुलिस ने अपराधियों की बहुत बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. उन्होंने कहा कि सभी अपराधी मौके पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे.

छापेमारी अभियान में खरीक के थानाध्यक्ष अनि सुदीन राम, इस्माइलपुर थानाध्यक्ष अनि संतोष कुमार, परवत्ता थानाध्यक्ष अनि शिव कुमार यादव, भवानीपुर ओपी थानाध्यक्ष जयंत प्रकाश आदि अन्य भी मौजूद थे. मालूम हो कि नवगछिया पुलिस जिला द्वारा गठित स्पेशल टीम द्वारा पिछले दिनों भी छापेमारी कर भवानीपुर से शातिर विकास यादव को गिरफ्तार किया था. नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि आये दिन इस तरह की छापेमारी में सघनता लायी जायेगी. दियारा इलाके को अपराध और अपराधियों से पूरी तरह से मुक्त किया जायेगा.
कोसी गंगा दियारा में संगठित अपराध ले रहा है नया आकार
इन दिनों गंगा कोसी दियारा में संगठित अपराध एक नया आकार ले रहा है.
इसका कारण है कि नवगछिया अनुमंडल के गंगा कोसी दियारा में कोई भी शक्तिशाली गिरोह किसी भी खास क्षेत्र या इलाके में अपना प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं कर पा रहा है. अपराधी ढ़ीले पड़ रहे हैं और गिरोह छिन्न भिन्न हो रहा है. एक समय था कि आपराधिक गिरोहों का समीकरण जातिगत आधार पर तय होता था लेकिन वर्तमान में इस तरह की परीपाटी साफ बदल गयी है. अब अपराधी सिर्फ अपने फायदे का ध्यान रख कर दूसरे अपराधियों के पास मैत्री प्रस्ताव भेज रहे हैं.
सूत्र बता रहे हैं कि इन दिनों कोसी दियारा में नारायणपुर से कदवा तक के आपराधिक गिरोह समायोजन की योजना में हैं. जयरामपुर में भी इसी कारण से जगह जगह के अपराधियों की जुटानी हुई थी. इसके पीछे अपराधियों की मंशा है कि वे लोग संगठित हो कर ज्यादा प्रभावशाली तरीके से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे पायेंगे. फिलहाल सभी आपराधिक गिरोहों की नजर इलाके के कोल ढाब जलकरों और दियारा के विस्तृत भू भाग में खेती योग्य जमीन है. इस पर अपराधी किसानों को बेदखल कर या फिर रंगदारी ले कर खेती करवाने के फिराक में हैं.

