आदमपुर के हनुमाननगर स्थित मां भगवती अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 201 में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में शुक्रवार को छात्रा ने 164 के बयान में मजिस्ट्रेट के समक्ष कहा है उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। वहीं मामले की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड ने 18 पन्ने की अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है, जिसमें दुष्कर्म के समतुल्य मामला बताया गया है।
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मेडिकल सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को गठित मेडिकल बोर्ड ने तीन बिंदुओं पर जांचोपरांत एसएसपी को रिपोर्ट सौंपी है। मेडिकल बोर्ड ने सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे रिपोर्ट सहित अन्य बिंदुओं पर जांचोपरांत मेडिकल अधिकारियों ने माना कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है। छात्रा के प्राइवेट पार्ट पर जख्म के निशान मिले हैं। सिर में चोट हैं। जबकि स्वाब में कुछ नहीं मिला है। फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट कविता कुमारी के यहां शुक्रवार को पीड़िता को उसके माता-पिता के साथ महिला थानाध्यक्ष लेकर आई थीं।
एसएसपी के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड ने दोबारा की जांच

मेडिकल बोर्ड की पहली रिपोर्ट में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला नहीं आने के बाद जांच रिपोर्ट पर सवाल उठने लगे थे। इसकी गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मनोज कुमार ने दोबारा मेडिकल जांच के लिए पत्र लिखा था। इसी आधार पर इसके लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के अधीक्षक डॉ. राम चरित्र मंडल ने तीन सदस्यीय बोर्ड का गठन किया था। जिसमें सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. उपेंद्रनाथ, एफएमटी के एचओडी डॉ. संदीप लाल और गायनी विभाग के एचओडी अनुपमा सिन्हा शामिल थे। जिन्होंने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट दे दी।

राज्य से बाहर आरोपितों ने बनाया ठिकाना
एक दिन पूर्व गुरुवार को न्यायालय से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपित मनीष कुमार व सन्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि दुष्कर्म के आरोपित राज्य से बाहर भाग गए हैं। दोनों के झारखंड में छुपे होने की आशंका थी। हालांकि वे लोग अपना लोकेशन बदल रहे हैं। दोनों ने अपने मोबाइल स्वीच ऑफ कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों के टावर लोकेशन अलग-अलग आ रहे थे। अब स्वीच ऑफ हो गया है।
मनीष का साला कुछ नहीं बता रहा
रजौन स्थित आरोपित मनीष के ससुराल से मनीष के साला को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मोबाइल टावर लोकेशन और मनीष से लगातार संपर्क में रहने के कारण पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। हालांकि उसने पुलिस के समक्ष कुछ खास नहीं बताया है। दूसरी ओर पुलिस टीम ने मनीष के नवगछिया के नगरह स्थित घर में भी जाल बिछाया है। लेकिन सफलता नहीं मिली है।
सन्नी भी बदल रहा ठिकाना
पुलिस ने आरोपित सन्नी को गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पटना, पूर्णिया सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए हर हथकंडे अपना रही है। यह अलग बात है कि अब तक उसे सफलता नहीं मिल पाई है।
नहीं हुई गिरफ्तारी तो होगी कुर्की-जब्ती
यदि मनीष और सन्नी पुलिस गिरफ्त में नहीं आते हैं तो वारंट का तामिला कराकर न्यायालय में कुर्की-जब्ती के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी। ताकि इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों पर दबाव बनाया जा सके। पुलिस मामले को लेकर काफी संवेदनशील बनी हुई है।
आत्मसमर्पण कर सकते हैं आरोपित
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित दोनों युवक कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि दोनों आरोपित अधिवक्ताओं से संपर्क में है।
क्या आरोपितों को बचाना चाहती थी महिला चिकित्सक
पहली मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता का लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल में मेडिको लीगल में दुष्कर्म प्रमाणित नहीं होने पर सवाल उठने लगा है कि क्या आरोपितों को महिला चिकित्सक बचाना चाहती थी। जबकि पीड़िता का जब दूसरी बार जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच की गई तो दुष्कर्म के समतुल्य लक्षण पाए गए। जो यह प्रमाणित करने के लिए काफी है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है।
सदर अस्पताल में डॉ. प्रियंका रानी ने पीड़िता का मेडिको लीगल किया था। पहली रिपोर्ट में छात्रा को शराब पिलाने की पुष्टि हुई है। साथ ही रिपोर्ट में गले और चेहरे पर खरोंच के निशान मिले थे। लेकिन चिकित्सक ने संभोग के लक्षण नहीं मिलने के संकेत भी अपनी रिपोर्ट में दिया है। जबकि मेडिकल बोर्ड ने जांच में कहा है कि लड़की के प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान के अलावा कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिसे दुष्कर्म के समतुल्य माना गया है।
