नवगछिया : पुलिस जिले के नवगछिया के झंडापुर महादलित परिवार की सामुहिक हत्या के बाद परिवार के बाकी बचे दो पुत्रों को भी अपनी हत्या का भय सताने लगा है. दहशत के कारण दोनों भाईयों की स्थिति बीच बीच में गडबडा जाती है. मृतक कनीक के पुत्र संतोष, बडे बहनोई दिनेश राम व मौसी सहित अन्य परिजनों ने बताया कि हमलोगों को हमेशा भय बना रहता है. पता नहीं कब हमलोगों की भी हत्या अपराधियों द्वारा न कर दी जाए. घर जाने का साहस मृतक के परिजन नहीं जुटा पा रहे हैं. क्योंकि घर व ऑंगन में अभी भी चारो तरफ खून ही खून फैला हुआ है. अभी तक पुलिस की जांच टीम ने घटना स्थल को साफ करने का निर्देश नहीं दिया है.
साथ ही संतोष ने बताया कि मेरे घर में रखे बहन व माँ के एक भी जेवर नहीं है. आशंका है हत्यारों ने जेवर भी लूट लिया है. कनिक के दामाद दिनेश राम ने बताया कि अब यहाँ संतोष के बाकी परिजन सुरक्षित नहीं हैं. अतएव श्राद्ध समाप्त होने के बाद अन्यत्र कहीं रखना होगा. डरे सहमे ग्रामीणों ने कहा कि अभी तक किसी भी प्रशासनिक पदाधिकारियों ने सुध लेना भी उचित नहीं समझा और ना ही किसी तरह की कोई सहायता की है. पीडित परिवार के चुल्हे कैसे जलेंगे, इसकी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है.

आवास के अभाव में सडक पर व पड़ोसी के दरवाजे पर पीड़ित परिवार जान जोखिम में डाल कर रहने को विवश है. हालाँकि घटना के ततकाल बाद विभिन्न दलों से जुडे नेताओं के आने के कारण यह जघन्य हत्याकांड काफी चर्चित हो गया है. लेकिन पीडित परिवार की मूलभूत समस्या व घटना के सही कारणों का खुलासा प्रशासन द्वारा अभी तक नहीं किया जा सका है. जिस कारण प्रशासन के प्रति ग्रामीणों का आक्रोश बढता जा रहा है. हालाँकि इस तिहरे हत्याकांड के बारे में आसपास के लोग कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं.
परन्तु इस विभत्स हत्याकांड से महादलित टोले में असुरक्षा का भाव पैदा हो गया है. आने वाले दिनों में साम्प्रदायिक तनाव बढने से इनकार नहीं किया जा सकता है. नवगछिया पुलिस द्वारा पीडित परिवार की सुरक्षा करने का दावा किया जा रहा है. परन्तु घटनास्थल पर वैसा कुछ भी नहीं देखा जा रहा है. झंडापुर का पूरा महादलित मुहल्ला कनिक राम की पुत्री बिंदी उर्फ राधा के सकुशल वापसी की प्रार्थना ईश्वर से कर रहे हैं. परिजनों का कहना है कि वह इस घटना में अकेली चश्मदीद है, इसलिये हत्यारों को सजा दिलाने के लिये बिंदी को वापस आना होगा.


