गोपालपुर : पतित पावनी गंगा नदी के किनारे स्थित गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय के सैदपुर ग्रामवासी शुद्ध पेयजल के लिये तरह रहे हैं. फाल्गुन माह की समाप्ति के बाद से भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने के कारण चापाकलों ने पानी देना बंद कर दिया है.चापाकल से पानी निकालने के दौरान ग्रामीण अक्सर चोटिल भी हो जाया करते हैं. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा सैदपुरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु लगभग तीन करोड रुपये की राशि से दुर्गास्थान परिसर में पांच वर्ष पूर्व जलमीनार बनाया गया तथा ग्रामीणों के घरों में पानी उपलब्ध कराने हेतु गोपालपुर थाना से लेकर यूको बैंक की शाखा के निकट तक मुख्य सडक के किनारे पाइप बिछाया गया.
परन्तु गाँव की गलियों में पाइप नहीं बिछाये जाने के कारण जलमीनार से घर घर पानी पहुँचाने की महत्त्वाकांक्षी योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है.जबकि सीएम नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल योजना का ढिंढोरा जोर -शोर से पीटा जा रहा है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता ई रंजीत कुमार ने बताया कि सहायक अभियंता को निर्देश दिया गया है

सैदपुर गाँव में पाइप बिछाने व जल शुद्धिकरण मशीन आदि का प्राक्कलन बनाकर ततकाल मुख्यालय भेजने को कहा गया है.उन्होंने बताया कि 28 मार्च तक प्राक्कलन बनाकर स्वीकृति हेतु मुख्यालय भेजा गया है. इस प्रकार फिलहाल सैदपुरवासियों को अभी और शुद्ध पेयजल के लिये डब्बा बंद पानी पर निर्भर रहना पडेगा. बताते चलें कि गंगा नदी के किनारे अवस्थित होने के कारण पानी में आर्सेनिक होने के कारण ग्रामीण डब्बा बंद पानी पीने को विवश हैं.


