गोपालपुर : भागलपुर सर्जेंसी के सबसे पुराने पीएचसी गोपालपुर को पिछले वर्ष सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रोन्नत कर दिया है. लगभग दो करोड़ की राशि से सभी सुविधाओं से युक्त भवन व पचीस शय्या का बेड लगा दिया है. परन्तु यहाँ स्वास्थ्य कर्मियों का टोटा है. फार्मासिस्ट का पद पिछले कई वर्षों से खाली रहने के कारण एएनएम द्वारा दवाई का वितरण किया जाता है.
ड्रेसर नहीं रहने के कारण चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से ड्रेसर का कार्य करवाया जाता है. स्टोरकीपर का कार्य लैब टैकनीशियन को करना पडता है. स्थापना लिपिक, लेखापाल, स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम सहित सभी महत्त्वपूर्ण पद प्रभार में चल रहे हैं. मात्र एक नियमित व दो अनुबंध पर चिकित्सक कार्यरत हैं. पिछले कई महीनों से एंबुलेंस यहाँ उपलब्ध नहीं है. जिस कारण मरीजों को मोटी रकम खर्च कर इलाज हेतु यहाँ आना पडता है.

रेफर होने की स्थिति में हनुमान चालीसा पढना पडता है. ओपीडी में 33 प्रकार की दवा की जगह मात्र 27 प्रकार की दवा ही फिलहाल यहाँ उपलब्ध है. जिसमें से पेट दर्द की दवा पिछले कई दिनों से नहीं रहने के कारण प्रसूताओं व अन्य मरीजों को निजी दुकानों से दवा खरीदना पड रहा है. एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व जेनरिक दवा की दुकान पीएचसी गोपालपुर में उपलब्ध नहीं है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा सुधांशु कुमार ने बताया कि सीमित संसाधन के बावजूद यहाँ 24 घंटे रोगियों की समुचित सेवा की जाती है.


