नवगछिया : पूर्णियां जिले के मोहनपुर रूपौली थाने के भौवा बिंदटोली गांव के आशीष उर्फ भिखारी का ननिहाल नगरह रामनगर बिंदटोली में है. 25 अप्रैल को ही सभी सगे संबंधी 27 अप्रैल को भिखारी की शादी मुंगेर के चंडी स्थाल मुहल्ले में थी. इस शादी में नगरह रामनगर में रहने वाले भिखारी के तीन मामा बलराम महतो, राजकुमार महतो और परसुराम महतो का पूरा परिवार शामिल था तो इसके अलावा शादी में गोपालपुर थाना क्षेत्र के तीनटंगा निवासी वेदानंद महतो का पूरा परिवार शामिल हुआ था.
,, नाव पर सवार लोग एक ही परिवार के सगे संबंधी थे
वेदानंद रिश्ते में भिखारी के मौसा लगते हैं. इसके अलावा शादी में भागलपुर के बहादुरपुर मीराचक से भिखारी की तीन फुफेरी बहनें पार्वती, नेहा, आरती भी शामिल हुई थी. गनिमत है तीनों को बचा लिया गया है. नाव पर सवार अंजली भिखारी महतो की खास साली है. शादी के बाद अपनी नवविवाहित बहन के साथ वह आयी थी. वह अपने जीजा जी के साथ सभी लोगों को छोड़ने के लिए आयी थी. वह पुन: अपने जीजा के साथ भौवा जाने वाली थी. अंजली भी लापता है.

बलराम महतो के तीन बच्चे हैं लापता
नगरह बिंदटोली रामनगर निवासी बलराम महतो के तीन बच्चे सोनी कुमारी12, खुशबू कुमारी09, निलेश कुमार06 लापता हैं. बलराम बताते हैं कि शादी में उसकी पत्नी ललिता देवी के साथ कुल चार बच्चे गये थे. बलराम महतो का सबसे बड़ा पुत्र नीतीश कुमार भौवा गांव में ही रह गया. बलराम महतो की पत्नी ललिता देवी का रो रो कर बुरा हाल है.
वह अपने दो बेटियों और एक बेटों का सिर्फ मुंह देखना चाहती है. रोने के क्रम में वह बार बार लोगों से आग्रह कर रही है कि कोई उनके बच्चों को उन्हें दिखा दे. वह लोगों से कह रही है कोई जल्दी से कोसी नदी में जाओ और उसके बच्चों को निकाल लाओ. ललिता को खुद के बच जाने का अफसोस है. वह कह रही है अगर वह जानती कि उसके बच्चे नहीं निकले हैं तो वह कभी नदी से बाहर नहीं निकलती.

वेदनंद के भी तीन बच्चे लापता
गोपालपुर थाना क्षेत्र के करारी तीनटंगा निवासी वेदानंद महतो के भी तीन बच्चे लापता हैं. तीनों बच्चे राजू कुमार 06, गुंजा कुमारी09 ,मुन्ना कुमार 08 हैं. वेदानंद को जैसे ही घटना के बारे में पता चला तो वे नगरह रामनगर घाट पहुंच गये. उनकी आंखें सूख गयी है, आवाज गायब हैं. वे अपने अन्य परिजनों की स्थिति को देखते हुए खुद खुल कर रो भी नहीं पा रहे हैं. वेदानंद महतो ने बताया कि उनके भिखारी की शादी के उसके तीन बच्चों के साथ उसकी पत्नी विद्या देवी भी गयी थी.
विद्या देवी को बचा लिया गया था. जब उसे नदी से निकाला गया तो वे बेहोश थी. होश में आने के बाद भी अब तक उन्हें नहीं बताया गया है कि उनके तीन बच्चे लापता हैं. ऐसी स्थिति में वह अनुमंडल अस्पताल में भर्ती है. वह बार बार अपने बच्चों से मिलने की जिंद कर रही है. वेदानंद महतो ने बताया कि उनके परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है.
लक्ष्मण की मां का रो रो कर बुरा हाल
राजकुमार महतो का एक पुत्र लक्ष्मण कुमार22 भी लापता है. लक्ष्मण काफी होनहार लड़का था और अपने परिवार का सबसे छोटा लड़का है. लक्ष्मण की मां माला देवी का दहाड़ मार कर रो रही है. उसे बार बार वह बेहोश हो जा रही है. परिजनों को अभी भी लक्ष्मण के सही सलातम वापस आने की उम्मीद है. इस उम्मीद में बार बार माला देवी रामनगर कोसी घाट की ओर दौड़ पड़ती है.
गहरे सदमे में भिखारी
भौवा गांव का रहने वाला भिखारी कहता है कि वह अपनी शादी धूम धाम से करना चाहता था. यही कारण रहा है कि शादी में यथा संभव अपने सभी सगे संबंधियों को बुलवाया. शादी शुभ शुभ हो गयी, नई दुल्हन घर आयी. घर में उत्सव जैसा माहौल था. इसके बाद सगे संबंधी घर जाने की जिंद करने लगे तो उन्हें लगा कि अधिकांश लोग कोसी पार के ही हैं, ऐसे में सड़क मार्ग से परेशानी भी ज्यादा होगी और समय भी ज्यादा लगेगा. अधिकांश लोग नगरह बिंदटोली जाते इसलिए नाव से ही बिंदटोली तक जाना उचित समझा. नाव से उतर कर वे अपनी तीन फुफेरी बहनों को भागलपुर पहुंचाने वाले थे तो साली अंजली के साथ पुन: भौवा जाने वाले थे. इसी क्रम में गोपालपुर के तीनटंगा जाने वाले मौसा के पूरे परिवार को गोपालपुर वाले ऑटो पर भी बिठाना था. लेकिन उसने सोचा भी नहीं था कि उसके साथ इतना बड़ा हादसा होगा. भगवान को उसकी खुशी देखी नहीं गयी.


