नवगछिया : विक्रमशिला सेतु व पथ पर शुक्रवार को पांचवे दिन भी लग रहा जाम की स्थिति यथावत रहा. शुक्रवार को भी सुबह से ही विक्रमशिला सेतु व पहुंचे पथ पर भयानक जाम लग गया था. पहुच पथ पर वाहनों के दो लंबी कतार लग जाने के कारण आवागमन पूरी तरह से ठहर जाने जैसा लगा रहा है. जाम की समस्य पर अनकुश लगाने के लिए प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बनाई गया नई व्यवस्था भी जाम पर अंकुश लगाने में विफल हो रही थी. प्रशासनिक पदाधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को सेतु पर चार से पांच घंटे तक भीषण जाम लगा रहा. हालांकि दिन भर रह रह कर जाम लगता रहा.
विक्रमशिला सेतु व पथ पर पांचवे दिन भी लगा रहा भीषण जाम
– जाम में घंटों फंसे रहे वहन चालक
– उमस भरी गर्मी में जाम के कारण यात्री थे हलकान
– जाम में चार चक्का व बड़े वाहनों तो फंस ही रहे थे मोटरसाइकिल चालाकों को भी हो रही थी परेशानी
शुक्रवार को भी चार चक्का और बड़े वाहनों को भागलपुर जाने या आने में दो से तीन घंटे का समय लग रहा था. जबकि रेलिंग पर वाहनों के अत्यधिक परिचालन हो जाने के कारण मोटरसाइकिल सवार को भी पुल पार करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. रोजाना इस तरह की शिकायत सामने आ रही है किसी छात्र का क्लाश मिस हो गया तो कोई अपनी ड्यूटी पर देर से पहुंचा. नवगछिया निवासी अभिषेक कुमार कहते हैं कि पुल पर जाम की स्थिति बनी रहने के कारण वे समय से भागलपुर नहीं पहुंच पाए.

समय पर नही पहुचने के कारण उसका कार्य नह हो पाया. वहीं पुल पर जाम में सवाड़ी वाहनों के घंटो फंसे रहने के कारण सवाड़ी वाहनो से यात्रा करने वाले यात्रियों को घोर परेशानियों का सामना करना पर रहा था. उमस भरी गर्मी व चिलचिलाती धूप में यात्री हलकान हो रहे थे. छोटे छोटे बच्चों की स्थिति तो गर्मी के कारण और भी दयनीय थी. गर्मी के कारण यात्री जाम में फंसे रहने के कारण पानी के लिए भी तरस जा रहे थे.
वहीं जाम के कारण नवगछिया अनुमंडल अस्पताल से रेफर मरीज को भागलपुर ले जा रहे एम्बुलेंस भी जाम में घंटों फसे रहे. एम्बुलेंस चालक बताते हैं कि जाम के कारण सकुशल मरीज को मायागंज अस्पताल पहुचने के बाद ही राहत मिलती है. जाम के कारण हमेशा चिंता बनी रहती है. हालांकि देरी होने के बाद भी अब तक सभी मरीज को सकुशल अस्पताल पहुंच गए हैं. परवत्ता के थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव ने कहा कि शुक्रवार को जाम से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली थी. शुक्रवार को चार से पांच घंटे तक ही जाम लगा था


