बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट बिजली मीटर देने की तैयारी अंतिम चरण में है। पहले चरण में राज्य के 18 लाख उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर दिया जाएगा। सितम्बर से दक्षिण बिहार में पटना, आरा, बिहारशरीफ, औरंगाबाद व सासाराम तो उत्तर बिहार में हाजीपुर, पूर्णिया, सीतामढ़ी व बेगूसराय से इसकी शुरुआत होगी। इनर्जी इफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड- ईईएसएल को स्मार्ट मीटर लगाने का जिम्मा दिया गया है। ईईएसएल प्रीपेड व पोस्टपेड मीटर लगाएगी।
बिजली कंपनी ने मंगलवार को बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए ईईएसएल से करार होगा। डेढ़ से दो साल में सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर दे दिया जाएगा। शहरी इलाकों से सटे ग्रामीण इलाकों में भी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर दिया जाएगा। कंपनी ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर से बिजली कंपनी का मुनाफा बढ़ेगा तो लोगों को भी सहूलियत होगी।

खासकर वैसे उपभोक्ता जो मीटर को वहां रखते हैं, जहां उसकी रीडिंग करने में परेशानी होती है। इस मीटर के लग जाने पर मीटर रीडिंग की जरूरत नहीं होगी। एक मॉडम होगा, जिससे बिजली कंपनी व उपभोक्ताओं को बिजली खपत की पूरी जानकारी मिलेगी। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के मोबाइल से भी जुड़ जाएगा। मोबाइल ऐप के जरिए सभी जानकारी मिलती रहेगी। बिजली बिल का भुगतान भी उसी मोबाइल एप से किया जा सकेगा। इस मीटर के लग जाने से बिजली कंपनियों को समय पर बिल मिल जाएगा जिससे राजस्व संग्रह में तेजी आएगी।

कंपनी ने कहा है कि अगर कोई उपभोक्ता दो हजार से अधिक एडवांस राशि जमा करेंगे तो उन्हें छह फीसदी वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा। लेकिन यह सुविधा सिर्फ प्री-पेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को ही मिलेगी। अगर कोई कम बिजली खपत करते हैं तो वे मोबाइल की तरह ही प्रीपेड बिजली मीटर को कम पैसे से भी रिचार्ज करा सकते हैं। इससे बिजली बिल में होने वाली गड़बड़ियों को दूर किया जा सकता है। इस मीटर के जरिए उपभोक्ताओं को बिजली कंपनियां की मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति कर सकती है।

स्मार्ट मीटर में किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं हो सकता। मीटर की टेस्टिंग केंद्रीय संस्थान की ओर से होगी। इससे बिजली चोरी रुकेगी और चोरी की सूचना मोबाइल ऐप पर मिलती रहेगी।


