नवगछिया : खरीक में उफनाई कोसी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।बल्कि कोसी पूरे इलाके को लीलने के लिए बेताब दिख रही है।कटाव की डिसटेंस में लगातार वृद्धि हो रही है।वहीं मैरचा से लेकर रतनपुरा तक करीब आधा किमी की दायरे में हो रहा भीषण कटाव का कहर बुधवार को डेढ़ किमी की दायरे से पार गया।जिससेफिर किसानों व ग्रामीणों की रात की नींद तो दिन का चैन गायब गायब हो गया। बुधवार को मैरचा से लेकर रतनपुरा तक करीब डेढ़ किमी में हो रहे भीषण कटाव में सियाराम मंडल,चिंती मंडल,शिकरू मंडल,शिव यादव समेत दर्जनभर किसानों का बासा कोसी में विलीन हो गया।
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उफनाई कोसी लील रही है किसानों की जमीन, फिर दर्जनभर बासा हुए विलीन
कटाव का कहर :एसडीओ ने खरीक के कोसी इलाके में हो रहे कटाव का किया निरीक्षण
जबकि कई बासा पूरी तरह कटाव के मुहाने पर आ चुका है। बुधवार को एसडीओ मुकेश कुमार खरीक बीडीओ सुधीर कुमार एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ पिछले कई दिनों से कोसी नदी में विभिन्न जगहों पर हो रहे भीषण कटाव का निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने कोसी नदी में मैरचा,रतनपुरा,कालूचक, चोरहर समेत अन्य जगहों पर हो रहे भीषण कटाव की स्थिति को देखकर खुद दंग रह गये। कोसी के तेवर देख नदी के आसपास बासा बनाकर रहने वाले भयभीत किसान अब सुरक्षित स्थल की ओर रूख करने लगे हैं।

नदी और गांव के बीच महज 250 मीटर की बची है दूरी नदी और गांव के बीच की दूरी महज ढाई सौ मीटर शेष रह गया है।किंतु अबतक यहां बचाव कार्यशुरू नहीं हो रहा है।बचाव कार्यशुरू नहीं होने को लेकर ग्रामीणों ने एसडीओ के समक्ष संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश भी जताते हुए एसडीओ से शीघ्र इस दिशा में पहल की गुहार लगाई।एवं चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर इसके बावजूद भी कार्यशुरू नहीं हुआ तो हमलोग पूर्व विधायक के नेतृत्व में आमरण-अनशन को बाध्य हो जाएंगे।
जिसपर एसडीओ ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से लेते हुए एवं परेशानियां को महसूस कर मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के कार्य पालक अभियंता अनिल कुमार को शीघ्र कार्यशुरू कराने का निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी कटाव हो रहा वहां कार्यशुरू कराए।अगर कार्यशुरू कराने में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पर रहा है तो उससे मुझे अवगत कराए।मैं डीएम को पत्र लिखकर उक्त परेशानियां से अवगत कराते हुए ध्यान आकृष्ट कराउंगा । इधर पूर्व विधायक ई. कुमार शैलेन्द्र ने भी बुधवार को मैरचा से लेकर रतनपुरा तक करीब डेढ़ किमी में हो रहे भीषण कटाव का निरीक्षण किया।एवं लोगों से मिलकर स्थिति की जानकारी ली।

