नवगछिया : नवगछिया जीरो माइल के पास क्षत विक्षत अवस्था में बरामद दो शवों में से एक शव की पहचान कर ली गयी है. मृतक की पहचान इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के छोटी परवत्ता निवासी नरेंद्र झा के पुत्र अरविंद झा का है. चूकि शव पूरी तरह से क्षत विक्षत हो गया था इस कारण परिजनों ने शव की पहचान टूटे हुए दांत और आंख के पास एक घाव को देख कर किया. मृतक के परिजनों का कहना है कि उसके पुत्र का भी दांत टूटा हुआ था और एक आंख के नीचे घाव का निशान था. मृतक के परिजन आश्वस्त हैं कि शव अरविंद का ही है. परिजनों ने अरिवंद के ससुराल वालों पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है. इस बाबत नवगछिया थाने में मृतक के पिता नरेंद्र झा ने एक लिखित आवेदन दे कर मृतक के तेतरी स्थित ससुराल के परिजनों को अरोपित करते हुए हत्या कर दिये जाने की आशंका व्यक्त की है.
– मृतक छोटी परवत्ता निवासी अरविंद झा
– घर वालों का अरोप ससुराल वालों ने कर दी हत्या
– पुलिस को पूर्व में भी दी थी अपहरण की सूचना
नरेंद्र झा का कहना है कि 29 जुलाई को अरविंद घर से यह कह कर निकला था कि वह ससुराल जा रहा है और अपने बच्चों से मुलाकात कर दो चार घंटे में लौट आयेगा. उसी दिन के बाद से अरविंद वापस घर नहीं आया. 21 अगस्त को जीरो माइल में जब दो शवों के मिलने की बात को अखबार में देखा तो वे लोग थाना पहुंचे और दोनों शवों में से एक की शिनाख्त अरविंद के रूप में की. नरेंद्र झा का कहना है कि उन्होंने पुत्र के गायब हो जाने के बाद मामले की प्राथमिकी इस्माइलपुर थाने में दर्ज कराया गया था जिसमें ससुराल के लोगों समेत पत्नी चंदा देवी, ससुर वेदानदं झा व अन्य को आरोपित किया गया था.

मृतक के पिता नरेंद्र झा ने कहा कि उन्हें आशंका है कि अरविंद के परिवार वालों ने मिल कर पहले उसका अपहरण कर लिया फिर उ सकी हत्या कर दी गयी. अरविंद की शादी करीब 12 वर्ष पहले तेतरी के वेदानंद झा की पुत्री चंदा कुमारी से हुई थी. शादी के बाद अरविंद को तीन लड़की और एक लड़का भी था. कहा जा रहा है कि विगत वर्षों से अरविंद झा और उसकी पत्नी के बीच संबंध बेहतर नहीं था. इसी कारण अरविंद की पत्नी मायके में रहने लगी थी. जबकि अरविंद रांची में कार्य करता था. मृतक की मां प्रेमलता देवी ने बताया कि उसके पुत्र को अक्सर ससुराल आने से मना किया जाता था और बार बार उसे ससुराल नहीं आने की धमकी दी जाती थी. लेकिन बच्चों से लगाव होने के कारण वह अपने बच्चों को देखने ससुराल जाया करता था. पुलिस ने शव को परिजनों के हलावे कर दिया है और मामले की प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान में जुट गयी है.

उठ रहे हैं कई सवाल
अज्ञात शव का शिनाख्त अरिवंद झा के रूप में होने और परिजनों द्वारा ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाये जाने के बाद इस मामले में कई सवाल खड़े हो गये हैं. पहला सवाल यह है कि अरविंद 29 जुलाई से लापता था और शव 21 अगस्त को मिलता है. शव को देख लगता है कि ज्यादा से ज्यादा हत्या दस दिन पहले की गयी होगी. फिर बीच के दिनों में अरविंद कहा था ? शिनाख्त का आधार अरविंद का दांत टूटा होना और आंखों के नीचे जख्म का निशान परिजनोंद्वारा बताया गया है. शव पूरी तरह से क्षत विक्षत था एसी स्थिति में शरीर
के पुराने जख्म के दाग या दांतों का टूटा होना शिनाख्त के लिए प्रयाप्त आधार नहीं माना जा सकता है. इसको लेकर भी तेतरी और छोटी परवत्ता में तरह तरह की चरचा है. लोगों का कहना है कि डीएनए टेस्ट ही ऐसी स्थिति में शिनाख्त का पुख्ता आधार हो सकता है. तिसरी बात आखिर क्या कारण था तो चारबच्चों की मां शादी के बारह वर्ष बाद अपने पति से अलग अपने मायके में ही रह रही थी. बहरहाल इस हत्याकांड में कई रहस्य ऐसे हैं जो आये दिन छानबीन के बाद स्पष्ट होगा.

कहते हैं थानाध्यक्ष
नवगछिया थाने के थानाध्यक्ष लालबहादुर सिंह ने कहा कि परिजनों के पास शव के शिनाख्त का आधार मजबूत नहीं है. इसलिए पुलिस ने इस मामले में शव की शिनाख्त के लिए डीएनए कराने का निर्णय लिया है. श्री सिंह ने कहा कि पूर्व में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज हुई थी, तात्कालिक रूप से उक्त प्राथमिकी को आधार मानते हुए पुलिस कार्रवाई कर रही है.


