बिहार में बच्चों को पढ़ाने वाले 131 गुरुजी अपनी दक्षता साबित करने में फेल साबित हुए है। 29 अगस्त को प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने चुनिंदा विद्यालयों में 5-6 बिंदुओं पर गुरुजी की पठन-पाठन क्षमता को आंकने के लिए एक जांच करवाई थी, जिसमें 131 शिक्षक फेल साबित हुए। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए सभी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।

बिहार की शिक्षा पर सवाल खड़ होने के बाद शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर एक जांच कमिटी बनी थी। जिसकों 5-6 बिंदुओं पर जांच करनी थी। जांच में पाया कि कई शिक्षक बच्चों को पढ़ाने की शैक्षणिक अहर्ता नहीं रखते हैं। प्राथमिक शिक्षा के निदेशक अरविंद कुमार वर्मा ने इसको गंभीरता से लेते हुए सभी डीईओ और डीपीओ को आदेश दिया है कि वे अपने स्तर से इसको देखें। नियोजन ईकाई को सूचित करें। साथ ही कार्रवाई की रिपोर्ट सात दिनों के अंदर प्राथमिक शिक्षा निदेशक को भेजें। बिहार में मुख्य सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर बिहार के सभी क्षेत्रों में शिक्षकों की दक्षता और कार्य की जांच चल रही है।

उसी आदेश के पालन करते हुए शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों के अनुश्रवण हेतु सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिलास्तरीय पदाधिकारियों को जिला व प्रखंड अंतर्गत अवस्थित विद्यालयों का औचक निरीक्षण कराया गया था। उक्त औचक निरीक्षण के लिए विभागीय स्तर से विद्यालयों के निरीक्षण के लिए विद्यालयों का नाम एवं दिशा-निर्देश पदाधिकारियों के लिए संसूचित किया गया था। औचक निरीक्षण के उपरांत विभागीय स्तर से निर्धारित किए गए विहित प्रपत्र में याचित सूचनाएं की मांग की गयी थी। प्रतिवेदन में पूरे राज्य में कुल 131 शिक्षकों का शिक्षण कार्य असंतोषजनक पाया गया।

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By न्यूज़ डेस्क

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