मंत्री ने एडीएम व एसडीएम से कहा कि यहां रह रहे सभी लोगों के लिए खाने-पीने का पर्याप्त इंतजाम कराएं। बीमारों के इलाज की व्यवस्था हो। चारे का पूरा इंतजाम हो। इसमें किसी तरह की कमी न हो। उनके पास इसकी शिकायत नहीं आनी चाहिए। मंत्री सुबह 10 बजे कैंप पहुंचे। करीब एक घंटे तक वहां रहे। पहले दिन वहां 1500 पीड़ितों के लिए भोजन का इंतजाम किया गया था। पीड़ितों ने मंत्री से कहा कि एक ट्रक चारा गुरुवार को मंगवाया गया था पर सभी पशुओं को नहीं दिया जा सका। उन्होंने कहा कि हमें भोजन नहीं ऊंचे स्थान पर थोड़ी सी जमीन दिला दीजिए। ताकि हर बार बेघर होने से बच जाएं। इस पर मंत्री ने कहा कि अभी तो कुछ नहीं कर सकते लेकिन सीओ और एडीएम से कहा है कि वे जमीन खोजें। मंत्री ने मौके पर सिविल सर्जन के नहीं रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने एडीएम से कहा कि यहां हेल्थ कैंप सुनिश्चित कराएं। मौके पर एडीएम, सदर एसडीओ, नाथनगर व जगदीशपुर सीओ, भाजपा नेता मृणाल शेखर व संतोष कुमार समेत अन्य मौजूद थे।
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टील्हा कोठी के राहत कैंप में बाढ़ पीड़ितों को खाना परोसते राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल।
एक माह पहले आया ब्लीचिंग पाउडर, नहीं हुआ छिड़काव
टिल्हा कोठी कैंप रह रहे करीब 1500 लोगों के लिए नगर निगम ने एक पांच सीट वाला केवल एक चलंत शौचालय दिया है। वहां साफ-सफाई भी ठीक से नहीं हुई है। चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तक नहीं किया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने एक ट्रक ब्लीचिंग पाउडर एक माह पहले ही मंगाया था। पानी के लिए निगम का केवल एक टैंकर है। रोशनी के पूरे प्रबंध नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मंत्री के आने से आज से खाना मिलने लगा है। सुबह में सत्तू देने का भी आश्वासन मिला है। लेकिन बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था नहीं हुई है।

सबौर में शाम में मिला पीड़ितों को भोजन

सबौर| प्रखंड कार्यालय के पंचायत भवन में रह रहे पांच सौ बाढ़ पीड़ितों को शुक्रवार की शाम प्रशासन ने भोजन की व्यवस्था की। आठ दिन पूर्व प्रशासन ने रजंदीपुर और बगडेर बगीचा के बाढ़ पीडितों को पंचायत भवन ने शरण दिया था, लेकिन शिविर में राहत सामग्री और भोजन की व्यवस्था नहीं रहने पर आक्रोशित पीडितों ने गुरुवार को एनएच जाम कर अंचल कार्यालय का घेराव किया था। उसके बाद पीडितों को पांच किलो चूड़ा और पांच सौ ग्राम गुड़ का वितरण किया गया। शुक्रवार की शाम से प्रशासन की ओर से करीब सात सौ लोगों के लिए दो टाइम चावल, दाल व सब्जी और सुबह ने नाश्ते की व्यवस्था की गई। भोजन का व्यवस्था होने पीड़ितों को राहत मिली है।
सीओ ने किया क्षेत्र का दौरा
सबौर सीओ विक्रम भास्कर झा शुक्रवार को नाव से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया। रजंदीपुर, बाबूपुर, घोषपुर, फरका, ममलखा, शंकरपुर और अठगामा का दौरा कर बाढ़ से हुई क्षति का आकलन किया गया। रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
पशुओं के लिए चारे की किल्लत
रजंदीपुर और बगडेर बगीचा का बाढ़ पीड़ित शिविर में अपने साथ पशु को भी साथ लेकर आए हैं। बाढ़ के पानी सबकुछ बर्बाद हो जाने के बाद प्रशासन द्वारा पशुओं के लिए चारा का व्यवस्था नहीं किए जाने शिविर में रह रहे लोगों के पशु चारा गंभीर समस्या बन गई है।