विक्रमशिला सेतु पर ट्रैफिक 28 सितंबर से 17 अक्टूबर तक बंद रहेगा। इस दौरान सेतु के 100 मीटर में ट्रैफिक पूरी तरह से बंद रहेगा। वहां लाेगों को पैदल आना-जाना होगा। वहां तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा व टेंपो चलेगा। इसके लिए कहां-कहां टेंपो पड़ाव होगा, कितना किराया होगा। इन सारे पहलुओं पर निर्णय लेने के लिए सदर एसडीओ आशीष नारायण सोमवार को दिन के तीन बजे बैठक करेंगे।
इसमें ई-रिक्शा, टेंपो, चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि के साथ एलपीजी गैस के एरिया मैनेजर रहेंगे। उनलोगों ट्रैफिक से व्यापार को लेकर होनेवाली परेशानी पर बात होगी। साथ ही प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे। उनलोगों के सुझाव के आधार पर ही टेंपो पड़ाव व उसके किराया का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही इमरजेंसी सेवा के तहत गैस कैसे भेजा जाएगा, इस पर भी बात होगी। इसके अलावा चेंबर के प्रतिनिधियों से कारोबार को व्यवस्थित कैसे रखा जाएगा, इस पहलू पर विचार किया जाएगा। ट्रैफिक बंद होने के दौरान लोगों की परेशानी कम करने के लिए जिला प्रशासन विकल्प की भी तलाश कर रहा है।

इसके लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के उप निदेशक को स्टीमर चलाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जलमार्ग होते हुए जहाजों के माध्यम से परिचालन व आवागमन को निर्बाध करने की दिशा में पहल की जाए। हालांकि अभी तक इस पर प्राधिकरण की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। इस पर भी स्थिति सोमवार को ही स्पष्ट हो पाएगी कि स्टीमर चलेगा या नहीं।
वहीं पहले जिला प्रशासन ने 28 सितंबर से 15 अक्टूबर ट्रैफिक बंद करने का निर्णय लिया था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 17 अक्टूबर तक कर दिया गया है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि 15 अक्टूबर तक पुल की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद देखा जाएगा कि दो दिन बाद ट्रैफिक को चालू करना है या बाद में।


