मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर व देवरिया के बालिका गृह कांड जैसी घटनाएं फिल्म दशहरा में दर्शकों के सामने होंगी. इस फिल्म को बालिकाओं पर अत्याचार व आत्महत्या पर केंद्रित किया गया है. फिल्म की कथा व पटकथा दोनों घटनाओं से मेल खाती है. फिल्म 26 अक्तूबर से पूरे देश में रिलीज हो रही है.

फिल्म में ऐसी घटनाओं के लिए सफेदपोश नेताओं को जिम्मेवार ठहराया गया है. पूरी फिल्म में राम के रूप में आईपीएस अधिकारी व रावण के रूप में ऐसे नेताओं के टकराव की कहानी है. बालिकाओं के शोषण की थीम पर केंद्रित फिल्म में अंत में सत्य की विजय दिखायी गयी है. पूर्णिया के रहने वाले फिल्म निर्देशक मनीष वात्सल्य ने प्रभात खबर से विशेष बातचीत में कहा कि यह महज इत्तेफाक है कि बालिका गृह कांड जैसी घटनाएं इस फिल्म का थीम बन गयीं.

फिल्म पर काम दो-तीन वर्षों से चल रहा था. समाज का सच इस फिल्म में सामने आयेगा, यह मुझे भी नहीं पता था. उन्होंने बताया कि फिल्म को प्रोमो ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जिसे 6.2 मिलियन लोग देख चुके हैं. इसका संगीत 8 अक्तूबर को रिलीज किया जा रहा है. फिल्म की निर्मात्री अपर्णा हूसिंग हैं. फिल्म में मुख्य भूमिका नील

नीतीन मुकेश, टीना देसााई व मनीष वात्सल्य ने निभायी है. संगीत मुजफ्फरपुर के सिद्धार्थ माधव व विजय वर्मा ने दिया है. गीतों को श्रेया घोषाल, कैलास खेर, रेखा भारद्वाज, ममता शर्मा व उस्ताद राशिद अली खां ने आवाज दी है.

मनीष पहले भी जीत चुके हैं फिल्म अवार्ड
निर्देशक मनीष वात्सल्य पहले भी फिल्म मेकिंग के लिए अवार्ड जीत चुके हैं. इनके निर्देशन में बनी फिल्म जीना है तो ठोक डाल को वर्ष 2013 में बेस्ट फॉरने लैग्वेज फीचर फिल्म का अवार्ड मिला था. मैक्सिको में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया. मनीष कहते हैं कि वे यथार्थ की धरातल पर फिल्म बनाते हैं. समाज के सच को सामने लाना ही उनकी कोशिश रहती है. इस कार्य में पिता शंभु नाथ मिश्रा व माता हिरण मिश्रा के आशीर्वाद से ही वे अपने काम में सफल हो रहे हैं.

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By न्यूज़ डेस्क

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