केसों के अनुसंधान और विधि-व्यवस्था ड्यूटी को थाना स्तर पर अलग कर दिया गया है। सोमवार को डीआईजी विकास वैभव ने रेंज के तीनों जिले के पुलिस कप्तान के साथ बैठक कर इसे अमलीजामा पहनाया। बैठक में भागलपुर, बांका और नवगछिया जिले के थानों में कुल 36 विशेष अनुसंधान इकाई का गठन किया गया है, जिनमें 310 इंस्पेक्टर, दारोगा और जमादार को तैनात किया गया है।


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अनुसंधान में दक्ष पुलिस अफसरों को विशेष अनुसंधान इकाई में रखा गया है, जबकि लिखने-पढ़ने में कमजोर अफसरों को विधि-व्यवस्था की ड्यूटी दी गई है। इस व्यवस्था में जो पुलिस अफसर केस का अनुसंधान करेंगे, उन्हें विधि-व्यवस्था या अन्य सामान्य ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा। उसी तरह विधि-व्यवस्था ड्यूटी में जुटे अफसर केसों के अनुसंधान से दूर रहेंगे। विशेष परिस्थिति में एसडीपीओ या डीएसपी की अनुशंसा के बाद अनुसंधान इकाई के अफसरों को निर्धारित अवधि के लिए अन्यत्र ड्यूटी दी जा सकती है। बैठक में भागलपुर एसएसपी आशीष भारती, बांका एसपी चंदन कुशवाहा और नवगछिया एसपी निधि रानी मौजूद थीं।

भागलपुर के एसएसपी व नवगछिया और बांका के एसपी के साथ बैठक करते डीआईजी विकास वैभव।

अब सिर्फ स्पेशल रिपोर्ट केसों की ही तहकीकात करेगी अनुसंधान इकाई

अनुसंधान इकाई सिर्फ स्पेशल रिपोर्ट केसों की जांच करेगी। जैसे हत्या, लूट, डकैती, अपहरण जैसे बड़े केसों की जांच का जिम्मा थाने की अनुसंधान इकाई का होगा। केस दर्ज होने के बाद उसकी जांच, सबूत जुटाना, आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा दिलाने तक काम अनुसंधान इकाई का होगा। इसके लिए अनुसंधान इकाई को अलग से चारपहिया वाहन, डिजिटल और वीडियो कैमरा, फोरेंसिक इंवेस्टिगेशन किट उपलब्ध करा दिया गया है। अब हर थाने में दो गाड़ी रहेगी। थानेदार के अधीन अनुसंधान और विधि-व्यवस्था विंग काम करेगी। थानेदार को दोनों काम करने होंगे।

जानें अनुसंधान इकाई में तैनात किए गए कौन-कौन से अफसर

भागलपुर जिला : जगदीशपुर, नाथनगर, सुल्तानगंज में दो-दो इकाई व कोतवाली, जोगसर, बरारी, तिलकामांझी, तातारपुर, मोजाहिदपुर, बबरगंज, गोराडीह, सबौर, सन्हौला, मधुसूदनपुर, शाहकुंड, कहलगांव, घोघा, पीरपैंती, इशाकचक, जीरोमाइल, लोदीपुर थाने में बनी एक-एक इकाई।

अनुसंधान इकाई 24

इंस्पेक्टर 18

एसआई 96

एएसआई 96

नवगछिया जिला : आदर्श थाना नवगछिया में दो, रंगरा, खरीक, बिहपुर, भवानीपुर थाने में बनी एक-एक इकाई।

अनुसंधान इकाई 06

इंस्पेक्टर 07

एसआई 41

एएसआई 36

– विकास वैभव, डीआईजी

36 टीम बनी, 310 पुलिस अफसर हुए तैनात

अब तक यह थी व्यवस्था

अब तक थानों में केसों की जांच और विधि-व्यवस्था ड्यूटी दोनों काम एक ही पुलिस पदाधिकारी करते थे। दोनों काम का वर्गीकरण नहीं था। इस कारण एक-एक पुलिसवालों पर 50-50 केसों की जांच की जिम्मेदारी होती थी। जिससे गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान नहीं हो पा रहा था और ज्यादा समय भी लग रहा था। जांच में कई खामियां भी देखी जा रही थीं।

 

By Rishav Mishra Krishna

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