सरदारपुर बाइपास पर प्लॉटिंग विवाद में गुरुवार को स्वर्ण व्यवसायी विजय साह को गोली मारने के मामले में जगदीशपुर पुलिस की काहिली सामने आई है। घटना के बाद मामले की जांच में जगदीशपुर, हबीबपुर, मधुसूदनपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची थी। बाइपास के मुख्य सड़क पर खून गिरा हुआ था, जिसे सभी ने घटनास्थल मान लिया।
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यह इलाका मधुसूदनपुर थाने में पड़ता है। सो, गोलीबारी का केस भी मधुसूदनपुर थाने में दर्ज भी हो गया। लेकिन शुक्रवार सुबह में जब मधुसूदनपुर पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया तो पाया कि बाइपास सड़क पर गिरा खून किसी जानवर था। ताजा खून वहां से कुछ दूरी पर एक खेत में गिरा हुआ था। यहां से पुलिस ने दो खोखा, जख्मी का छूटा हुआ चप्पल, खून लगा शर्ट बरामद किया। यह इलाका जगदीशपुर थाना क्षेत्र में पड़ता है, लेकिन गुरुवार को जगदीशपुर थानेदार नीरज तिवारी ने मामले को टालने के लिए जानवर वाले खून को आदमी का बता कर उसे ही घटनास्थल मान लिया। अपने स्तर से कुछ भी पता करने की कोशिश नहीं की। जबकि असल में घटनास्थल जगदीशपुर थाना क्षेत्र में पड़ता था। अगर उसी समय जगदीशपुर पुलिस एक्टिव होती तो शायद अपराधियों का कुछ सुराग भी मिल सकता था। अब मधुसूदनपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी को जगदीशपुर थाने में ट्रांसफर करने की तैयारी चल रही है।

मधुसूदनपुर थाने में दर्ज केस जगदीशपुर होगा ट्रांसफर
सरदारपुर बाइपास के पास खेत में पड़ा जख्मी विजय साह का चप्पल व खोखा।
जख्मी विजय साह की हालत नाजुक, पटना में चल रहा इलाज
उधर, जख्मी विजय साह की हालत नाजुक बनी हुई है। पटना में उसका इलाज चल रहा है। विजय साह को गोली मारने का आरोपी सकरुल्लाह के पूनम उर्फ पूनमा यादव पहले बबरगंज थाने का प्राइवेट ड्राइवर था। उसका एक भाई मन्ना यादव अपराधी है। विजय साह प्लॉटिंग का कारोबार भी करता है। सरदारपुर बायपास के पास एक जमीन दिखाने के लिए पूनम के साथ वह आया था। पूनम जमीन खरीदना चाहता था। इसी दौरान कीमत को लेकर बाताबाती व मारपीट हुई और उसने विजय को कट्टा सटाकर फायर कर दिया। विजय साह भी मोजाहिदपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक केस में जेल जा चुका है। यह मामला जमीन के एग्रीमेंट में धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ था।

