आरएसएस प्रमुख मोहन मधुकर भागवत 18 नवंबर को पहली बार शहर के आनंदराम ढांढ़निया स्कूल आएंगे। वे 19 नवंबर को भागलपुर-बांका के करीब 600 संघ कार्यकर्ताओं को बौद्धिक शिक्षा का पाठ पढ़ाएंगे, इसके बाद वे शहर में अपने पुराने संघ के मित्रों से अनौपचारिक मुलाकात करेंगे। 20 नवंबर को बिहार-झारखंड के प्रांत स्तर के 60 कार्यकारिणी सदस्यों को सुबह 9 बजे से दोपहर तक समाज में हो रहे बदलावों को लेकर जागरूकता फैलाने के नए-नए टिप्स दिए जाएंगे।
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गुरुवार को आनंदराम ढांढ़निया स्कूल में प्रेस कांफ्रेंस में प्रांत प्रचारक राणा प्रताप और नगर संघ चालक डॉ. चंद्रशेखर ने यह बातें कही। वे देवघर से सीधे भागलपुर आएंगे। इसके बाद 20 नवंबर को शाम तक भागलपुर से वापस जाएंगे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, क्षेत्रीय प्रचारक रामदत्त ठाकुर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

एक सवाल के जबाव में राणा प्रताप ने बताया कि संघ प्रमुख किसी भी राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करने नहीं आ रहे हैं। उनका विषय पहले से तय है, पर बातचीत के दौरान कुछ स्थानीय विषय भी जुड़ सकते हैं। इस कार्यक्रम में आरएसएस से सीधे तौर पर जुड़े प्रांतीय व क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की ही 20 की बैठक में इंट्री होगी। उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख का प्रवास हर वर्ष अलग-अलग प्रांतों में होता है। इस बार गिरते जलस्तर, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण कंट्रोल, पौधरोपण करना, सामाजिक छुआछूत और समाज में छोटे-बड़े की भावना को दूर करना।
इन सभी मुद्दों पर संघ प्रमुख कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने को प्रेरित करेंगे। खास तौर पर देश और स्थानीय परिस्थितियों पर चर्चा होगी, जिससे कि कार्यकर्ताओं में उत्साह भी बढ़ेगा। साथ ही समाज की विषम परिस्थितियों और विषमताओं के साथ कुरीतियों को हटाने में हमलोग अबतक कहां तक पहुंचे हैं और आगे कहां तक जाना है, इस पर चर्चा होगी। नगर संघ चालक डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि संघ का कार्य कैसे बढ़े और क्यों, सामाजिक समरसता का उद्देश्य क्या है, छुआछूत न हो और समाज को बांटने वाले तत्वों को कैसे मुख्य धारा में लाया जाए और एक अच्छा समाज बनाया जाए। मौके पर पटना के विभाग प्रचारक आशीष, स्कूल के प्रिंसीपल मनोज मिश्र, जिला प्रचार प्रमुख हरविंद भारती मौजूद थे।

