भागलपुर : हमलोग समय पर ऑफिस आ गये थे. कुछ लोग अभी-अभी चाय पीने चले गये हैं, इसी कारण कुर्सियां खाली दिख रही हैं. कुछ ऐसा ही कहना था कंबाइंड बिल्डिंग में स्थित कुछ सरकारी विभागों में मौजूद कर्मियों का. गत 31 अक्तूबर को कमिश्नर राजेश कुमार ने कंबाइंड बिल्डिंग में औचक निरीक्षण किया था.

लेकिन अपने कार्यालयों से गायब रहनेवाले कर्मियों को कमिश्नर का भी भय नहीं है. दफ्तरों में रखी फाइलों पर से धूल देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह धूल तभी झाड़ी जाती होगी, जब साहब फाइल मांगते होंगे.

बाकी लोग बाहर में चाय पीने गये हैं
भवन निर्माण विभाग के भवन अंचल अधीक्षण अभियंता का कार्यालय एक कर्मी दफ्तर के गेट के बगल में बैठे हुए थे. अंदर दो कर्मचारी अपनी-अपनी कुर्सी पर बैठ काम कर रहे थे और एक कर्मचारी अंदर में टहल रहे थे. कर्मियों से जब पूछा गया कि बाकी लोग कहां हैं, तो उनका कहना था कि सभी समय पर आ गये थे. अभी-अभी चाय पीने के लिए बाहर निकले हैं.

बाकी लोग साइट पर गये हैं
सिंचाई अवर प्रमंडल का कार्यालय भी सूना-सूना सा दिखा. एक महिला कर्मी दो टेबुल के बीच में चिंतन वाली मुद्रा में बैठी थीं. दूसरे कर्मी दूसरी ओर काम कर रहे थे, जैसे ही कैमरा निकला, वह भी खिड़की से झांके और मेन दफ्तर में आ गये. तीसरे कर्मी फाइल निबटाने में लगे थे. काफी पूछने पर बताया कि बाकी की कुर्सियां इसलिए खाली है कि बाकी लोग साइट पर गये हैं.

रिटायर करते गये कर्मी, खाली होती गयी कुर्सी
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (पश्चिम) की पत्राचार शाखा के अंदर कमरे के बीच में अलमारियां रखकर दो भागों में बांटा गया है. इसके अंदर के भाग में तीन कर्मचारी गप कर रहे थे, जबकि सामने वाले भाग में कंप्यूटर पर एक महिला व एक पुरुष कर्मी बैठे थे. बाकी तीन-चार कर्मी अपनी-अपनी कुर्सी पर. कर्मियों ने बतायी कि लोग रिटायर करते गये और कुर्सियां खाली होती गयीं. उनका यह भी कहना था कि विश्वास न हो, तो साहब से पूछ लीजिए.

20-22 कर्मियों में सिर्फ एक कर्मी मौजूद
कुछ लोगों ने कहा कि हालात देखना हो, तो अंकेक्षण के उप लेखा नियंत्रक का कार्यालय देख आइए. बताया गया कि इस विभाग में 20-22 अधिकारी-कर्मचारी काम करते हैं. लेकिन स्थिति यह थी कि सिर्फ एक कर्मचारी मौजूद थे, बाकी सारी कुर्सियां खाली. लोगों का कहना था कि यहां सिर्फ महीने के एक से पांच तारीख तक अधिकारी-कर्मचारी दिखते हैं. उपस्थित कर्मचारी ने बताया कि बड़ा बाबू ट्रेजरी गये हैं और बाकी लोग फील्ड.

खिड़कियों पर पीक फेंक पलड़े कर दिये जाम
कंबाइंड बिल्डिंग का स्वच्छता से इस बिल्डिंग का दूर-दूर तक नाता नहीं है. कई दफ्तरों की खिड़कियां, किवाड़ों की चौखट के नीचे, सीढ़ियों के कोने का इस्तेमाल पीक फेंकने के लिए किया जाता है. ऐसा कौन करते हैं, उन्हें चिह्नित करना मुश्किल दिखा. दफ्तरों की कई खिड़कियां ऐसी मिल जायेंगी, जिसके पलड़े पीक से जाम हो चुके हैं. ऐसी खिड़कियों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले कई वर्षों से इसके पलड़े आंधियों में भी बंद नहीं हो पाये होंगे. हर तरफ बस धूल ही धूल. बिल्डिंग के बाहर चापाकल के चारों तरफ भी कचरे जमा दिखे.

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By न्यूज़ डेस्क

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