ख़रीक : कोसी नदी के जल स्तर में कमी होने के साथ तटीय इलाकों में कटाव की रफ्तार तेज हो गई है. सिहकुण्ड के समीप कटाव तेज होने से पुरानी सिहकुण्ड के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. लोगों को ऐसा लगने लगा है कि जिस रफ्तार से कोसी नदी पुरानी सिहकुण्ड को लील लेने को बेताब है उससे लगता है कि बहुत जल्द ही पुरानी सिहकुण्ड के कोसी तटीय ग्रामीणों के आशियाने को अपनी आगोश में समा लेगा. सिहकुण्ड में शनिवार की सुबह से कटाव की रफ्तार काफी तेज हो गई है.तकरीबन 300 मीटर के दायरे में भीषण कटाव जारी है.
Total Downloads: 182
कटाव की रफ्तार तेज होने से किसानों की उपजाऊ जमीन कोसी में समा रहा है. कटाव की विभीषिका को देख गांव के लोग हस्तप्रभ है. पुरानी सिहकुण्ड के समीप जहां कटाव हो रहा है उस जगह से महज 100 मीटर की दूरी पर ग्रामीणों का घर बसा हुआ है. कटाव की तेज रफ्तार को अविलंब नहीं रोका गया तो बहुत जल्द ही सिहकुण्ड के लोग बेघर हो जाएंगे. किसान अपने खेतों में बुआई करने को बेताब थे. अचानक कटाव तेज होने जमीन कोसी में समा गए. भीषन कटाव से किसानों की जमीन कोसी में समा गयी.

क्या कहते हैं ग्रामीण
सिहकुण्ड के ग्रामीणों मोहम्मद आबिद सुबोध यादव उमेश चंद्र मोहन सिंह का कहना है कि सिहकुण्ड में कटाव तेज हो गया है.अविलंब कटाव को नहीं रोका गया तो ग्रामीणों के घर उजड़ जाएंगे और लोग बेघर हो जाएंगे. कटाव को अविलंब नहीं रोका गया तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे. अभियंता ने किया कटाव का निरीक्षण जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता महावीर प्रसाद ने शनिवार को सिहकुण्ड में हो रहे भीषण कटाव का निरीक्षण किया कनीय अभियंता ने बताया कि सिहकुण्ड में हो रहे भी संकट आपकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को दी गई है.
क्या कहते हैं अधिकारी
खरीक अंचलाधिकारी विनय शंकर पांडा ने कहा कि रविवार को सिहकुण्ड में हो रहे भीषण कटाव का मुआयना कर कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग को रिपोर्ट किया जाएगा

