गोपालपुर : शारदीय नवरात्रा के मौके पर दुर्गा सप्तशती के श्लकों से गाँव की गलियों का माहौल भक्तिमय बन गया है. गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित सैदपुर गाँव में लगभग पाँच करोड़ की लागत से नवनिर्मित मंदिर में कलश स्थापन के साथ ही काफी धूमधाम व श्रद्धा -भक्ति के साथ विधि -विधान के साथ माँ दुर्गा की पूजा की जा रही है. ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार सैदपुर में 1962 ई से घास-फूस व बाँस के द्वारा अस्थाई मंदिर बनाकर वैष्णवी पद्धति से माता की पूजा की जा रही है. गाँव के बड़े -बुजुर्गों के अनुसार गोपालपुर थाना के ततकालीन इंसपैक्टर व सैदपुर के ततकालीन लब्धप्रतिष्ठित ग्रामीणों द्वारा सबकों के सहयोग से माता की पूजा प्रारंभ की गई थी. कहा जाता है कि सच्चे मन से जो भी माता से यहाँ शीश झुकाकर माँगता है. माता उनकी सब मनोकामना पूरी करती हैं. कुछ समय बाद सैदपुरवासियों ने माता के लिये पक्का का मंदिर बनाकर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना को जारी रखा. गंगा नदी के कटाव से बड़ी संख्या में सैदपुरवासियों की उपजाऊ जमीन कटने के बाद भी वर्तमान सचिव महेशानंद कुँवर के नेतृत्त्व में भव्य व विशाल मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर परम पूज्य संत आगमानंदजी महाराज के कर कमलों द्वारा नये मंदिर की आधारशिला कुछ वर्ष पूर्व रखी गई थी. नवनिर्मित मंदिर में पंडित भूषण जी महाराज द्वारा प्रवचन व चंदनजी द्वारा भजन प्रस्तुत कर पूरे गाँव में भक्ति की गंगा बहाई जा रही है. संध्या समय करारी तिनटंगा, बिंद टोली, बुद्धूचक, वीरनगर, सुकटिया बाजार, तिरासी, गोपालपुर नवटोलिया, बोचाही व डिमाहा आदि से बड़ी संख्या में महिलायें व युवतियाँ माता के मंदिर में दीप जलाने आती हैं. मान्यता के अनुसार माता जिनकी मुराद पूरी करती हैं ,वे अष्टमी को खोइछा व डाला चढ़ाने काफी दूर दूर से आती हैं.

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By Rishav Mishra Krishna

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