भागलपुर से चलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस और ब्रह्मपुत्र मेल में कुछ दिनों बाद यात्रियों को चलती ट्रेन में भी कंप्युटरीकृत प्रणाली से टिकट मिल सकेगा। यह संभव होगा हैंड हेल्ड डिवाइस से जो इन ट्रेनों के टीटीई साथ लेकर चलेंगे। यह डिवाइस भारतीय रेल के कंप्युटरीकृत प्रणाली से जुड़ा रहेगा।
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यात्री सुविधा के लिए शुरू की गई इस नई व्यवस्था का रेलवे बोर्ड ने न केवल सफलतापूर्वक ट्रायल करा लिया है बल्कि अब कई राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस में इस्तेमाल शुरू कर दिया है। हाल ही में पटना से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में भी इस डिवाइस की लांचिंग की गई है।
पूर्व रेलवे के सीपीआरओ निखिल चक्रवर्ती ने बताया कि प्रथम चरण में सभी राजधानी एक्सप्रेस में इस डिवाइस इस्तेमाल शुरू करना था।
पूर्व रेलवे ने प्रथम चरण को लगभग पूरा कर लिया है। जल्द ही मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें भागलपुर रेलखंड पर चलने वाली प्रमुख ट्रेनें विक्रमशिला एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल भी शामिल होगी। उन्होंने कहा कि उपकरण की उपलब्धता के आधार पर अधिक से अधिक ट्रेनें इस सिस्टम से जुड़ती चली जाएंगी। खासकर ग्रेड ए-1 स्टेशनों से जो प्रमुख ट्रेनें चलती हैं उसे प्राथमिकता में रखी जाएगी।

चार्ट बनने के बाद खाली बर्थ की जानकारी भी मिलेगी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार टीटीई को जो हैंड हेल्ड मशीन दी जाएगी वह रेलवे के कंप्युटरीकृत आरक्षण सिस्टम से जुड़ा होगा और उसमें खाली बर्थ की भी जानकारी मिल सकेगी। इस उपकरण में सूचना अंकित करते ही बर्थ की पूरी जानकारी मिल जाएगी और यात्रियों को इस उपकरण के जरिये मोबाइल पर टिकट भी उपलब्ध हो जाएगा। इस व्यवस्था से उन यात्रियों को खासी सहुलियत होगी जो लंबी दूरी की ट्रेनों में चार्ट बनने के बाद आरक्षण लेना चाहते हैं।

