बाइक चलाते यदि नाबालिग पकड़े गए, तो उनके पापा को जुर्माना चुकाना पड़ेगा। नववर्ष पर नाबालिगों का उमंग फीका ना पड़े, इसके लिए गार्जियन को चाहिए कि वे उन्हें बाइक की चाबी ना दें। वरना चेकिंग में यदि पुलिस ने पकड़ लिया, तो उन्हें ही थाने की दाैड़ लगानी पड़ेगी और जुर्माना भी भरना पड़ेगा। इसमें कोई एक्सक्यूज काम नहीं करेगा।
क्योंकि एसएसपी अाशीष भारती ने तमाम थानेदारों को नववर्ष पर बाइकरों की स्पीड पर लगाम लगाने का आदेश दिया है। थानेदारों को कहा कि वे मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 180 के तहत ऐसे नाबालिगों को रोको-टोको अभियान के तहत ड्राइविंग लाइसेंस मांगे। यदि उम्र संबंधी कोई प्रमाण नहीं देते हैं, तो उनके गार्जियन को फोनकर सूचित करें और उनके नाम से भी चालान काटें। मौके पर ही आरोपी बाइकर की भी चालान कटेगी, फिर उसके अभिभावक या गाड़ी मालिक को भी दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा। यह अभियान अब आगे भी चलता रहेगा।

एसएसपी ने कहा कि स्कूल-कॉलेज या कोचिंग आदि से जुड़े मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर खास चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यह नई व्यवस्था मंगलवार से नए वर्ष पर शुरू होगी। बता दें कि नाबालिग छात्र शहर की सड़कों पर बिना लाइसेंस के ही बाइक या स्कूटी स्टाइल से चलाते हैं। जिससे सामान्य वाहन चालकों को दिक्कत होती है और आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
जानें क्या कहता है कानून
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 3 व 4 के तहत 18 वर्ष के कम उम्र वालों का ड्राइविंग करना गैरकानूनी है। पकड़े जाने पर 500 रुपए जुर्माना देना पड़ेगा। धारा-5 के तहत आरोपी टीनएजर के अभिभावक या गाड़ी के मालिक पर दोगुना जुर्माना 1000 रुपए किया जा सकता है। धारा- 3 के तहत बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 500 रुपए जुर्माना का प्रावधान है।


