टीएनबी कॉलेज के पार्ट टू की छात्रा रश्मि झा ने ‘सब्जी कोठी’ नाम एक स्टोरेज कैंप तैयार किया है। इसमें सब्जी और फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसे बनाना सिर्फ सस्ता ही नहीं बल्कि किसानों के लिए सुलभ भी होगा।
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रश्मि कॉलेज के बायोटेक्नालॉजी विभाग की छात्रा है। उसके इस मॉडल को कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित कर प्रदर्शित किया गया। इसे देखने के लिए टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति प्रो. लीला चंद साहा भी पहुंचे। इस मॉडल को तैयार करने में रश्मि के भाई तथा टीएनबी कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्र वैज्ञानिक निकी झा ने सहयोग किया है।
निकी और रश्मि ने मॉडल के कई गुण बताए और कहा कि उन लोगों ने इस मॉडल का पेटेंट करा लिया है। प्रो. साहा ने कहा कि यूनिवर्सिटी उनकी हर तरह से मदद करेगा। कहा कि यह मॉडल कारगर हुआ तो वैसे किसानों को ज्यादा फायदा होगा जो भंडारण की सुविधा के अभाव में फल-सब्जी औने-पौने दाम पर बेच देते हैं।

कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में रश्मि ने मॉडल को प्रस्तुत किया और निकी ने इसके गुण बताए। निकी ने बताया कि सब्जी कोठी पोर्टेबल है इसलिए किसान इसे आसानी से कहीं भी उपयोग में ला सकते हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाली सब्जी कोठी को हफ्ते में दो से तीन लीटर पानी की जरूरत पड़ती है और नियमित रखरखाव भी जरूरी नहीं है। सब्जी कोठी दो सौ से तीन सौ किलो सब्जी या फल का भंडारण कर सकता है। इसे बनाने में करीब आठ हजार रुपए लगता है। छोटे किसानों के लिए आसान है और वे इसका उपयोग 12 वर्षों तक कर सकते हैं। सब्जी तथा फलों को इसमें कम से कम 10 तथा अधिकतम 40 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
कार्यक्रम में बॉटनी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील चौधरी, टीएबनी के प्राचार्य डॉ. संजय चौधरी, डॉ. राजीव सिंह, मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके श्रीवास्ताव उपस्थित थे।

