भागलपुर : अंग नगरी समेत पूर्वी बिहार में अभी भी सैकड़ों की संख्या में बिना यूनिक आईडी के लाइसेंसी हथियार सक्रिय हैं। जिसकी मिली सूचना पर सरकार के अवर सचिव गिरीश मोहन ठाकुर ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में 31 मार्च 2019 तक अभियान चलाने को कहा है। जारी पत्र में कहा गया है कि 1 अप्रैल 2016 से पूर्व जारी किए गए शस्त्र लाइसेंस पर हथियार रखने वालों को यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर तैयार कर नडाल पोर्टल पर देना जरूरी है।
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इसको लेकर हालांकि पूर्व में जिला प्रशासन की ओर से अभियान चलाया भी गया है। लेकिन ऐसी जानकारियां मुख्यालय के संज्ञान में आई है कि अभी भी ऐसे सैकड़ों हथियार पूर्वी बिहार में सक्रिय हैं जिनके शस्त्र धारक नियमों का पालन नहीं किया है। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि ऐसे शस्त्र लाइसेंस जिनका यूनिक नंबर नहीं बना है, उन्हें नडाल पोर्टल से जोडऩे के लिए अभियान चलाएं। 31 मार्च 2019 तक ऐसे लाइसेंसी हथियार रखने वालों के यूनिक नंबर सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तैयार करा लें।

आयुध अधिनियम 2016 के तहत गैर कानूनी हो जाएंगे ऐसे हथियार
गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार बिहार सरकार आयुध अधिनियम 2016 के प्रावधान के आलोक में सख्त कदम उठाएगी। प्रावधान के अनुरूप 1 अप्रैल 2019 के प्रभाव से बिना यूनिक नंबर वाले लाइसेंसी हथियार को गैर कानूनी करार देने का फैसला लिया है।

